"भारतीय संविधान", जो भारत को बनता है एक "लोकतांत्रिक गणतंत्र"

"भारतीय संविधान", जो भारत को बनता है एक "लोकतांत्रिक गणतंत्र"

वो संविधान जिसने सबको बराबर बनाया, वो संविधान जिसने सबको सीन चौड़ा करके जीना सिखाया,वो संविधान जिसने सर उठाकर हर शख्स को बोलने,लिखने,पढ़ने,और अपने लिए आवाज़ उठाने का अधिकार दिया,वही संविधान जिसने फूहड़,दकियानूसी,धर्मान्ध,नीच और गिरी सोच को चकनाचूर कर दिया वही संविधान जिसने हर इंसान को जाति,धर्म,पैसा और इलाके से ऊपर उठकर सबको बराबर बना […]

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 ये भी तो अज़ादी ही है, कि किसे बाईट दी जाये और किसे नहीं

ये भी तो अज़ादी ही है, कि किसे बाईट दी जाये और किसे नहीं

दो दिनों से कई पोस्ट पढ़ चुका हूं जिसमें Shehla Rashid की इस बात पर आलोचना की जा रही है कि उसने Republic के पत्रकार को क्यों हड़काया। कुछ बातें कहने को हैं: ये जो ताज़ा रिपब्लिक है और जिसका डॉन पहले TIMES NOW में था, उसने कैसी रिपोर्टिंग और कैसी डिबेट की JNU को […]

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