देश भर में NRC और CAA के विरोध में हो रहे हैं, ऐसा ही एक प्रदर्शन झारखंड के धनबाद में 7 जनवरी 2020 को हुआ। इस प्रदर्शन के बाद धनबाद में 3000 प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध राजद्रोह का केस लगा दिया गया। इस कार्यवाही के बाद देश भर में आलोचना हो रही थी। साथ ही लोग राज्य के नए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस पर कार्यवाही की उम्मीद भी जता रहे थे।

8 जनवरी को रात 9 बजे के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट करके इस मामले में जानकारी देते हुए बताया कि सभी लोगों से केस हटाने का उन्होंने आदेश दे दिया है। साथ ही उन्होंने दोषी अधिकारी पर भी कार्यवाही  की अनुशंसा की बात कही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ट्वीट में लिखा-

क़ानून जनता को डराने एवं उनकी आवाज़ दबाने के लिए नहीं बल्कि आम जन-मानस में सुरक्षा का भाव उत्पन्न करने को होता है। मेरे नेतृत्व में चल रही सरकार में क़ानून जनता की आवाज़ को बुलंद करने का कार्य करेगी।

धनबाद में 3000 लोगों पर लगाए गए राजद्रोह की धारा को अविलंब निरस्त करने के साथ साथ दोषी अधिकारी के ख़िलाफ़ समुचित करवाई की अनुशंसा कर दी गयी है। साथ ही मैं झारखंड के सभी भाइयों/बहनों से अपील करना चाहूँगा की राज्य आपका है, यहाँ के क़ानून व्यस्था का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है।