बहराइच ज़िले के जरवल कस्बा के फरमान हैदर जोकि एक भारतीय मजदूर अपनी रोजी रोटी की तलाश में  2015 सऊदी अरब गया था दो साल पूरे होते ही उसे  घर आना था माँ बाप की  निगाहें उसे देखने के लिए बेताब थी लेकिन उसके  घर आने से कुछ  दिन पहले उसके घर वालो को उसके गोली लग जाने की खबर ने गांव घर मे हड़कंप मचा दिया
घर वाले उसकी सलामती की दुआएं मांग ही रहे थे की उसी दौरान उसकी मौत सऊदी अरब के दम्माम शहर के अल क़तीफ हॉस्पिटल में हो गयी
गौरतलब है कि. सऊदी अरब के दम्माम शहर में अल क़तीफ नामक गाँव मे  पुलिस और पब्लिक के बीच सत्ता और मानवाधिकार को लेकर गोलियां चलती रहती है जिसकी चपेट में कई बार दूसरे मुल्कों के मज़दूर भी आ जाते  है जिसकी चपेट में 26 फरवरी 2016 को बहराइच ज़िले के ही  फखरपुर नामक गाँव का एक लड़का जिसका नाम आवेश खान था गोली लगने से  मौके पे ही मौत हो गयी थी जिसकी जानकारी सय्यद एहतिशाम रिज़वी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को दी थी,  जिसके बाद उन्होंने  ट्वीट कर मामले में दखल देकर उसके शव को  भारत भेजने के लिए भारतीय दूतावास में  कहा था और उसके शव को भारत लाया गया था.
ठीक उसी तरह दस मई 2017 को अपने रूम से डिवटी पर जा रहे फरमान  हैदर को तीन गोलियां लग गयी थी जिसके बाद उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया था जहाँ दो दिन बाद ही उसकी मौत हो गयी थी
लेकिन सात महीने बाद  उसका शव भारत नही आ सका जिसके चलते सय्यद एहतिशाम रिज़वी  नेे विदेश मन्त्रालय ग्रह मन्त्रालय और पीएमओ ऑफिस ट्वीट कर  मदद की गुहार लगाई थी
रिज़वी चौबीस दिसम्बर को भारतीय दूतावास जाकर  भारतीय राजदूत से मिले और फरमान हैदर का शव भेजने का अनुरोध किया, जिसके बाद भारतीय दूतावास ने शव भेजने के लिए ज़रूरी रिपोर्ट तैयार कर जल्द ही शव भारत भेजने का आश्वासन दिया है.

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