जबसे सोशलमीडिया का चलन बढ़ा है, सभी राजनीतिक पार्टियाँ अपने अपने पक्ष में फोटोशॉप का उपयोग करके जनता को गुमराह करने की कोशिश करती हैं. पूर्व में भारतीय जनता पार्टी की ऊपर गलत तस्वीरों का उपयोग करने और फोटोशॉप तस्वीरों के इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं. पर फ़िलहाल खुद भाजपा फोटोशॉप तस्वीर का शिकार हो गई है.

दरअसल हाल ही में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर में दाउदी बोहरा समाज के प्रमुख सय्यदना मुफ़स्सल साहब से मिलने के लिए इंदौर की सैफी मस्जिद गए थे. जहाँ पर उन्होंने नोहा पढ़ा और सय्यादना साहब से आशीर्वाद प्राप्त किया. मुलाक़ात के दौरान उन्होंने उनसे गले भी मिले.

उनकी इस तस्वीर को एडिट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सर पर टोपी लगा दी गई. जिससे ये बताने की कोशिश की गई कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते टोपी पहनने से इंकार करने वाले नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद खुद को सेकुलर साबित करने के लिए बोहरा समाज की मस्जिद में टोपी पहन रहे हैं.

इस तस्वीर की वास्तविकता का पता किया गया, तो यह तस्वीर झूठी साबित हुई. ट्रिब्यून हिंदी झूठी ख़बरों का पर्दाफ़ाश करने की अपनी मुहीम “फ़ेक न्यूज़ वाच” की जांच में पीएम मोदी की इस तस्वीर को फेक करार देता है.