77 वर्ष पुराना डालमिया ग्रुप देश का ऐसा पहला कॉर्पोरेट हाउस बन गया है जिसने ऐतिहासिक स्मारक लाल किले को 5 साल के कॉन्ट्रैक्ट पर लिया है. डालमिया ग्रुप इसके लिए सरकार को 25 करोड़ रुपए देगा. गौरतलब है कि लाल किले का निर्माण 17वीं शताब्दी में 5वें मुग़ल बादशाह शाहजहां द्वारा करवाया गया था. तब शाहजहां अपनी राजधानी आगरा से दिल्ली ले गये थे. हर साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले से पूरे देश को संबोधित करते हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक डालमिया ग्रुप ने ये कॉन्ट्रैक्ट इंडिगो एयरलाइंस और जीएमआर ग्रुप को हराकर जीता है. ये कॉन्ट्रैक्ट सरकार की ऐतिहासिक स्मारकों को गोद देने की स्कीम ‘एडॉप्ट ए हेरिटेज’ का हिस्सा है. डालमिया ग्रुप ने इस बात पर विचार शुरू कर दिया है कि वो कैसे लाल किले का विकास करेगा. इसके लिए ग्रुप 23 मई से काम भी शुरू कर देगा. 15 अगस्त के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण से पहले जुलाई में उसे किला फिर से सिक्योरिटी एजेंसियों को देना होगा. इसके बाद ग्रुप फिर से लाल किले को अपने हाथ में ले लेगा.
इस बारे में डालमिया भारत ग्रुप, टूरिज्म मंत्रालय, आर्कियोलॉजी सर्वे ऑफ इंडिया (ASI) के बीच 9 अप्रैल को हस्ताक्षर हुए. कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक ग्रुप को 6 महीने के भीतर लाल किले में बेसिक सुविधाएं देनी होंगी. इसमें पीने के पानी की सुविधा, स्ट्रीट फर्नीचर जैसी सुविधा शामिल हैं.
एक साल के भीतर उसे टेक्टाइल मैप, टायलेट अपग्रेडेशन, रास्तो पर लाइटिंग, बैटरी से चलने वाले व्हीकल, चार्जिंग स्टेशन और एक कैफेटेरिया बनाना होगा.इसके लिए डालमिया ग्रुप टूरिस्ट से पैसे चार्ज कर सकेगा. ग्रुप को जितना पैसा मिलेगा उसे वो पैसा फिर से लाल किले के विकास पर ही लगाना होगा. ग्रुप लाल किले के भीतर अपनी ब्रांडिंग का उपयोग कर सकेगा.
बता दें कि भारत सरकार की ‘एडॉप्ट ए हेरीटेज’ योजना सितंबर 2017 में लॉन्च की गई थी. देश भर के 100 ऐतिहासिक स्मारकों के लिए ये योजना लागू की गई है. इसमें ताजमहल, कांगड़ा फोर्ट, सती घाट और कोणार्क मंदिर जैसे कई प्रमुख स्थान हैं. ताज महल को गोद लेने के लिए जीएमआर स्पोर्ट्स और आईटीसी अंतिम दौर में है.

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