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बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

#PMModiSaveUs से कई ट्वीट आ रहे हैं पिछले कई दिनों से. मैंने देखा तो पता चला की कुछ मध्य प्रदेश के मिल मज़दूर प्रदर्शन कर रहे हैं पिछले कई दिनों से. मुझे लगा छोटा मोटा प्रदर्शन हो रहा होगा पर फिर एहसास हुआ की मज़दूर और गरीबों के प्रदर्शन, उनके हक़ की आवाज़ उन्ही की तरह ज़माने को छोटी लगने लगती हैं. पर वहा करीब 1200 मज़दूर परिवार बैठ कर सिर्फ अपना हक़ मांग रहे हैं.
दरअसल ये मज़दूर सेंचुरी मील सत्राटी खरगोन (मध्य प्रदेश) के हैं, जो 17 अक्टूबर 2017 से अपने पूरे परिवार के साथ धरने पर बैठे हुए हैं. बच्चे बिलख रहे हैं, ना पढ़ने को ना ही कुछ खाने को मिल रहा हैं. लगातार प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, से अपील की जा रही हैं पर उन गरीबों की आवाज़ किसी को नहीं सुनाई दे रही हैं.
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, और माननीय मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री जी, यही वो जनता हैं जिसको आपने भविष्य के सुनहरे सपने दिखाकर वोट मांगे थे. आज वो जनता आपसे सिर्फ अपने हक़ की आवाज़ बनने की गुहार कर रही हैं. पर आपके पास वक़्त नहीं, शर्मिंदा हूँ मैं, सिर्फ ये सोचकर की कैसे-कैसे चुनाव में आप बेटे बन जाते हैं. पर चुनाव के बाद वही देशवासी, वही मासूम बच्चे, वही बेटियां जिनको बचाने और पढ़ाने की आपने मुहीम शुरू की हैं. आपसे गुहार लगाती हैं, की बचा लो हमारी ज़िन्दगी, तो आप सुनकर अनसुना कर देते हैं.
अरे नहीं हैं उनकी हैसियत,खुद को टीवी, रेडियो, या अन्ना जैसा आंदोलन खड़ा करने की. तो क्या आप और आपके मंत्री आपके सहयोगी उनकी आवाज़ को अनसुना कर देंगे. अरे वो गरीब लोग मर रहे हैं सर, रोज खाने और कमाने वाले लोग हैं,उनपर रहम करो और वो सिर्फ दुआ नहीं देंगे आपको. वैसे भी दुआ की कौन क़द्र करता हैं आज के दौर में वो आपको अपना वोट देंगे अगर आज आपने उनकी ज़िन्दगी बचा ली तो.
इस देश में समस्या , राम मंदिर, आतंकवाद , गोहत्या, लव जिहाद, हिन्दू- मुस्लिम नहीं हैं सर. इस देश की समस्या हैं भुखमरी, गरीबी, बेरोजगारी, जो कई सौ सालों से बनी हुई हैं. और इसके लिए जिम्मेदार ये जनता हैं जो अब तक अपने लिए सही नेता, तक नहीं खोज पायी. पर आदरणीय मोदी जी आपको खोजा था चुनाव के वक़्त सबको विश्वास था. लेकिन आप भी औरों की तरह निकले. गुजरात चुनाव में भाषण देने के लिए वक़्त हैं पर एक ट्वीट को रीट्वीट करके ये नहीं कह सकते थे की अरे भाइयों ज़रा इनकी समस्या भी सुन लो.
फिर कब तक हम सुने आपकी. अगर आप या आपकी सरकार इन गरीबों की मदद के लिए सामने नहीं आई, तो मैं आपको फिर कभी नहीं सुनूंगा और उन 1200 मज़दूर परिवार से भी अपील करूँगा की वो भी नहीं सुनेंगे कभी आपके ‘मन की बात’. उम्मीद करता हूँ प्रधानमंत्री महोदय आप गरीबों को निराश नहीं करेंगे सुनेंगे उनके भी दिल की बात.

देखें #PMModiSaveUs  हैज़टैग के साथ हुए कुछ ट्वीट-

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