नज़रिया – महिला दिवस मनाया जाना, फख्र नहीं शर्म की बात

नज़रिया – महिला दिवस मनाया जाना, फख्र नहीं शर्म की बात

मर्द का नज़रिया… कब बदलेगा? आखिर क्या हैं महिला दिवस पर एक मर्द की राय.. ये सवाल हम-आप सभी ने साल में एक बार आने वाले महिला दिवस पर कई बार सुना होगा। सबके पास इसका बड़ा ही खूबसूरत जवाब भी हैं, कि मैं महिलाओं का सम्मान करता हूँ. बीवी के साथ खाना बनवाने में […]

Read More
 सरकार ! आप चुनाव जीत गए, अब जनता पर कुछ रहम कर दो

सरकार ! आप चुनाव जीत गए, अब जनता पर कुछ रहम कर दो

आज गुजरात चुनाव में बीजेपी ने जीत दर्ज की. गुजरात की जनता में से ज़्यादातर ने माना की भले ही समस्या है पर कांग्रेस से यही बेहतर है. सबसे पहले मैं गुजरात चुनाव की जीत पर प्रधानमंत्री जी और अमित शाह जी को ढेर सारी बधाईया. आप दोनों की जोड़ी ने पूरे देश में भगवा […]

Read More
 बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

बंद हुई सेंचुरी मिल, 1200 मज़दूर परिवार मांग रहे हैं अपना हक़

#PMModiSaveUs से कई ट्वीट आ रहे हैं पिछले कई दिनों से. मैंने देखा तो पता चला की कुछ मध्य प्रदेश के मिल मज़दूर प्रदर्शन कर रहे हैं पिछले कई दिनों से. मुझे लगा छोटा मोटा प्रदर्शन हो रहा होगा पर फिर एहसास हुआ की मज़दूर और गरीबों के प्रदर्शन, उनके हक़ की आवाज़ उन्ही की […]

Read More
 ये कैसा न्यू इंडिया बनाया जा रहा है

ये कैसा न्यू इंडिया बनाया जा रहा है

आज का वक़्त ऐसा है कि जहां अगर आप कुछ निष्पक्ष होकर बोलते हैं या लिखते हैं तो आपको किसी एक पक्ष का पक्षधर बना दिया जाएगा क्योंकि ये वो दौर नहीं है, जब पत्रकार की उठी कलम से क्रांति खड़ी हो जाया करती थी. आज अगर कोई क्रांति लिखना भी चाहे तो उसे बिका […]

Read More
 ''सेल्फी विद कूड़ा'', सफ़ाई या गांधी जी को भुलाने की साज़िश

''सेल्फी विद कूड़ा'', सफ़ाई या गांधी जी को भुलाने की साज़िश

2 अक्टूबर साल का इकलौता ऐसा दिन था.. जिस दिन सत्य, अहिंसा की कहानियां सुनाई जाती थीं.. बताया जाता था की कैसे बिना हिंसा के भी अपनी बातें मनवाई जा सकती हैं… आज भी याद है की अब की तरह उस दिन छुट्टियां नहीं हुआ करती थी.. उस दिन वो पाठ पढ़ाया जाता था जिसकी […]

Read More