Rakesh Achal

लेखक देश के वरिष्ठ साहित्यकार हैं
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महारानी के लिए ध्वज झुक सकता है, पर शंकराचार्य के लिए नही

  • September 12, 2022

जीवन का पहला शतक पूरा करने से कुछ महीने पहले ही द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती अपनी इहलीला समाप्त कर अनंत में विलीन हो...

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नज़रिया – डूबना ही शहरों की त्रासदी है अब

  • September 11, 2022

भारत की सिलकॉन सिटी कहा जाने वाला बेंगलौर बर्षात झेलने के लायक नहीं रहा। एक ही वर्षा में पूरा शहर ऐसा डूबा की लोग त्राहि-त्राहि कर...

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चिंतन में डूबी कांग्रेस पर एक नज़र

  • May 15, 2022

देश की सबसे पुरानी और बड़ी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस इन दिनों उदयपुर में चिंतन में डूबी है। देश में यत्र-तत्र डूबने के बाद पार्टी का चिंतन...