मध्यप्रदेश के सिवनी ज़िले की सिवनी विधानसभा में एक टीवी प्रोग्राम के तहत स्थानीय भाजपा विधायक धमकी देते नज़र आये. न्यूज़18 मध्यप्रदेश छतीसगढ़ के चुनावी प्रोग्राम के तहत आयोजित इस प्रोग्राम में कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच सवाल जवाब का दौर चल रहा था. इसी दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष आनंद पंजवानी ने सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन से कुछ मुद्दों पर ख़ामोशी अख्तियार करने पर सवाल किया था.

युवा कांग्रेस अध्यक्ष के तीखे सवालों के बाद सिवनी के भाजपा विधायक जवाब देते समय अपना आपा खो बैठे

युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने सवाल में ये पूछा था, कि सिवनी शहर से लगे ग्राम लूघरवाड़ा में बघेल समाज की कुछ महिलाओं को रातभर थाने में बिठाए रखा गया. उस समय आपसे संपर्क करने की कोशिश की गई, तब आप ने उनके लिए कुछ नहीं किया. वहीँ आनंद पंजवानी ने दूसरा सवाल करते हुए पुछा था, कि आखिर क्या वजह रही कि जब आप निर्दलीय विधायक थे तब आप नगर पालिका के भ्रष्टाचार पर खुलकर बोला करते थे. पर जबसे आपने भाजपा जॉइन की है भाजपा शाषित सिवनी नगरपालिका के भ्रष्टाचार पर आप खामोश हैं.

इन तीखे सवालों के बाद सिवनी विधायक जवाब देते समय अपना आपा खो बैठे, उन्होंने अपने जवाब में नगरपालिका के भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिकारियों पर कार्यवाही के समर्थन की बात तो कही पर उसी दौरान जब एक कांग्रेसी कार्यकर्ता ने बीच में टोककर कुछ कहना चाहा तो मुनमुन राय ने अपना आप खो दिया. ऊँगली दिखाते हुए उस व्यक्ति को धमकाते हुए “बच्चे हो बच्चे जैसे रहने” की सलाह दी गई.

जब यह घटना घटी तब उक्त सभा में बैठे लोगों के द्वारा विधायक जी के द्वारा इस बात को धमकी के रूप में लेते हुए ये कहते सुना जा सकता है. कि ये धमकी दे रहे हैं.

कौन हैं मुनमुन राय?

दिनेश राय मुनमुन मध्यप्रदेश की सिवनी विधानसभा से विधायक हैं. निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर 2013 में 22000 से ज़्यादा मतों से जीत हासिल की थी. दिनेश राय मुनमुन का राजनीतिक सफ़र मध्यप्रदेश के लखनादौन शहर से पार्षद और फिर नगर पालिका अध्यक्ष के तौर पर निर्दलीय चुने जाने से शुरू हुआ था. 2009 में भी मुनमुन राय ने सिवनी विधानसभा से चुनाव लड़ा था. पर भाजपा की नीता पटेरिया से लम्बे अंतर से चुनाव हार गए थे. उसके बाद 2013 में भाजपा प्रत्याशी नरेश दिवाकर को हराकर मध्यप्रदेश विधानसभा पहुंचे. 2018 में भाजपा द्वारा अन्य दलों और निर्दलियों को भाजपा में लाने की मुहीम के तहत भाजपा नेताओं ने संपर्क किया और मुनमुन राय ने भाजपा जॉइन कर ली.

भाजपा जॉइन करने के बाद उठे कई सवाल

जब दिनेश राय मुनमुन ने भारतीय जनता पार्टी जॉइन की, तो उनपर कई तरह के सवाल उठे. क्योंकि जब मुनमुन राय निर्दलीय विधायक थे. तब उन्ही के द्वारा भाजपा का विरोध किया जाता था. भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पूरे सिवनी शहर में मुनमुन राय के विरोध में पोस्टर लगाए गए थे.

पल्लू काण्ड के समय मुनमुन के खिलाफ़ भाजपा हुई थी लामबंद

एक प्रोग्राम के मंच पर भाजपा नेत्री नीता पटेरिया की साड़ी से भरे मंच में हाथ पोछने के कारण भी मुनमुन राय आलोचनाओं के भारी शिकार हो चुके हैं. ये अलग बात है कि उन्होंने इस मामले के तूल पकड़ने के बाद भाभी देवर के सामाजिक रिश्ते की बात करते हुए मामले को ठंडा कर दिया था. पर उस वक़्त भी मुनमुन राय पूरी भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर थे.

वीडियो हुआ वायरल, क्या हैं विधायक जी के आपा खो देने का अर्थ?

भ्रष्टाचार के सवालों से आप खो देने पर भाजपा विधायक दिनेश राय मुनमुन की काफी आलोचना हो रही है. उनका वह वीडियो भी वायरल हो चुका है. लोगों का कहना है, कि विधायक जी के गुस्से होने का क्या अर्थ निकाला जाये. कहीं भाजपा में शामिल होने के बाद अब अपनी ही पार्टी द्वारा शाषित नगर पालिका के उस भ्रष्टाचार पर ख़ामोशी इख्तेयार तो नहीं कर ली गई, जिसके बारे में निर्दलीय विधायक रहते मुनमुन राय बोला करते थे?

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