मास्टरस्ट्रोक और नैतिकता

  • संख्या कम थी. येदियुरप्पा ने राज्यपाल को जो चिट्ठी सौंपी, उसमें विधायकों के नाम नहीं थे.
  • राज्यपाल ने मांग से आगे जाकर 15 दिन का टाइम दे दिया. येद्दि ने जोश में अगली सुबह शपथ भी ले ली. अकेले कैबिनेट की मीटिंग भी कर ली.
  • कांग्रेस-जेडीएस के विधायकों को ख़रीदने की बेतरह कोशिश की. अब तो कई फोन टेप्स भी सामने आ चुके हैं.
  • एक विधायक को ख़ुद येदियुरप्पा ने फोन कर मंत्री पद का ऑफ़र दिया.
  • एक विधायक को जनार्दन रेड्डी ने फोन कर मंत्री पद का लालच दिया. रेड्डी ने ये भी कहा कि उनके पाले में जाने से वो विधायक इतना कमाएगा जितना उसने ज़िंदगी में नहीं सोचा.
  • जनार्दन रेड्डी कुख्यात रेड्डी बंधुओं में एक हैं. इनके दो भाइयों ने इस बार चुनाव लड़ा. जनार्दन वही हैं जिन्होंने नोटबंदी के ऐन बाद बेटी की शादी में 500 करोड़ रुपए उड़ाए थे.
  • येदियुरप्पा और तीनों रेड्डी पर भ्रष्टाचार के संगीन आरोप रहे हैं. येद्दियुरप्पा जेल भी जा चुके हैं. चुनाव बाद जिस तरह ख़रीद-फरोख़्त की कोशिश हुई, उसमें इन लोगों ने अपने ट्रैक रिकॉर्ड के मुताबिक़ काम किया.
  • इन सबके पीछे दिल्ली से अमित शाह लगे हुए थे. अमित शाह ने येद्दि को भरोसा दिया था कि कुछ विधायक वो ‘तोड़’ लाएंगे.
  • कांग्रेस ने अपने विधायकों को ‘बिकने’ से सुरक्षित रखने के लिए कोच्चि में जो रिजॉर्ट बुक किया, बीजेपी के दबाव में दो घंटे बाद होटल कैंसिल हो गया.
  • कोच्चि के लिए जहाज़ उड़ने की भी परमिशन बीजेपी ने रद्द करवा दी.
  • कांग्रेस विधायकों ने इसके बाद बीजेपी वालों का फोन टेप करना शुरू किया. प्रकाश जावडेकर ने पहले कुमारस्वामी के जिन आरोपों को हवाई बताया था, वो फोन टेप के बाद पुख़्ता हो गया. पैसे से सरकार ख़रीदने की कोशिश फुस्स हो गई.
  • अमित शाह ने इज़्ज़त बचाने की ख़ातिर येदियुरप्पा को इस्तीफ़ा देने को कहा. इसके बाद येद्दि और शाह दोनों ने नैतिकता का बार-बार ज़िक्र किया. कांग्रेस-जेडीएस को अनैतिक गठबंधन कहा. बीजेपी अगर कुछ विधायक ख़रीदकर सरकार बना लेती, तो वो महानैतिक काम होता.

ज़ी न्यूज़ और भक्त इसी इस्तीफ़े को मास्टरस्ट्रोक कह रहे हैं.

नोट- यह लेख, लेखक की फ़ेसबुक वाल से लिया गया है.
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Dilip Khan

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