October 27, 2020

जाने माने समाज सेवक और देश में नई क्रांति कि अलख जगाने वाले अन्ना हजारे ने एक बार फिर लोकपाल के लिए धरने पर बैठने की घोषणा कर दी है. अन्ना हजारे ने 23 मार्च को लोकपाल और किसानों की समस्या को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में 23 मार्च को आंदोलन की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि वह विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई पत्र लिख चुके हैं, लेकिन आज तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला.

फाइल फोटो -अन्ना हजारे                                                               व                                       PM मोदी

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि केन्द्र की मोदी सरकार ने पूर्व की संप्रग सरकार के दौरान पारित किये गए लोकपाल विधेयक को कमजोर किया है. खुजराहो  में  जल सम्मेलन में भाग लेने आये अन्ना ने पत्रकारों से कहा कि मनमोहन सिंह बात कम करते थे, लेकिन उन्होंने भी लोकपाल कानून को कमजोर किया था. नरेंद्र मोदी ने लोकपाल कानून को और कमजोर करते हुए संसद में 27 जुलाई, 2016 को एक संशोधन विधेयक पारित किया.
कुछ महीने पहले भी अन्ना हजारे लोकपाल के मुद्दे पर केंद्र सरकार के रुख के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं.  अन्ना ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को चिट्ठी लिखकर लोकपाल बिल पर एक बार फिर से बड़ा आंदोलन चलाने की चेतावनी दी थी.  अन्ना हजारे ने अपने इस पत्र में पीएम मोदी को लिखा था कि मोदी सरकार तीन सालों से सत्ता में है, लेकिन अभी तक लोकपाल बिल नहीं ला सकी है.

Avatar
About Author

Team TH

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *