रायबरेली: यूपी में चुनाव हो और बयानों की झड़ी न लगे, संभव नहीं है. आजकल यूपी में बयानों का ऐसा शोर मचा हुआ है,कि हर दिन कोई न कोई बयान चर्चा का विषय बन जाता है. हर चुनावी सभा में सभी पार्टियाँ अपने विरोधियों को निशाने पर ले रहे हैं. हर तरफ से आवाज़ें आ रही हैं, जोर शोर से नारे लग रहे हैं,चुन चुन के ताने मारे जा रहे हैं, ऐसा लगता है जैसे सभी एक दुसरे को कम दिखने का कोई मौका नहीं गंवाना चाहते. सभी पार्टियां एक दूसरे को मुंह तोड़ जवाब देने के लिए तैयार बैठी हैं. कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांप्रदायिक बयान  दिया था, रमज़ान और दीवाली से जोड़ा लेकर शमसान और कब्रिस्तान की तक बात कही थी. उनके उस बयान की काफी आलोचना भी हुई थी, लोगों ने तो यहाँ तक कहा था कि यह उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है. इस तरह के बयान उनके पद को शोभा नहीं देते. अभी कल के बयान पर चर्चा चल ही रही थी,कि उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव  के बयान के बाद बवाल मचा हुआ है.
दरअसल गुजरात एक ऐसा राज्य है, जहाँ “वाईल्ड एस ” अर्थात जंगली गधों की सेंचुरी है, और अमिताभ बच्चन गुजरात पर्यटन के ब्रांड एम्बेसडर हैं, जिस वजह से अमिताभ बच्चन उन गधों का भी प्रचार करते हैं. अखिलेश ने इसी बात को लेकर यह तंज कसा था कि अमिताभ बच्चन गुजरात के गधों का प्रचार करना बंद करें. हालांकि उनकी इस लाइन का और व्यापक अर्थ भी निकाला जा सकता है.

यह उस समय हुआ जब अखिलेश यादव रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा में कांग्रेस – सपा गठबंधन उम्मीदवार के समर्थन में रैली को संबोधित कर रहे थे. अखिलेश यादव ने रैली में कहा:-
 ‘हम सदी के महानायक से गुजारिश करते हैं कि वे गुजरात के गधों का प्रचार करना बंद करें.’ उन्‍होंने आगे कहा कि ‘अगर गधों का प्रचार होने लगेगा तो कैसे चलेगा. गुजरात के लोग तो वहां के गधों का भी प्रचार करवा रहे हैं. गधे का भी कहीं प्रचार कराया जाता है.’ बता दें कि अमिताभ बच्‍चन गुजरात पर्यटन के ब्रांड एम्बेसेडर हैं और उसी संबंध में अखिलेश यादव यह सब कुछ कह गए. दरअसल वह पीएम मोदी की रविवार को कही गई उस बात पर पलटवार कर रहे थे जब उन्होंने सपा पर यूपी में धर्म के नाम पर भेदभाव करने का आरोप लगाया था. पीएम ने कहा था कि गुजरात वाले टीवी पर गधों का प्रचार कराते हैं और यूपी में आकर श्‍मशान और कब्रिस्‍तान की बात करते हैं.
 

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