क्राईस्टचर्च: न्यूज़ीलैंड के क्राईस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए आतंकवादी हमले के बाद पूरी दुनिया सन्न है. हर तरफ़ से इस नृशंश आतंकवादी हमले की निंदा की जा रही है. शुक्रवार ( 15 मार्च 2019 ) को न्यूज़ीलैंड में दो मस्जिदों में कुछ दक्षिणपंथी आतंकवादी बंदूक लेकर घुसा और अंधाधुंध फायरिंग करने लगा.

ज्ञात होकी क्राईस्टचर्च की मस्जिद अल नूर में स्थानीय समयानुसार दोपहर पौने दो बजे हुआ आतंकी हमला हुआ. प्रत्यक्षदर्शी लेन पेनेहा ने बताया कि उन्होंने काले कपड़े पहने एक व्यक्ति को मस्जिद में जाते देखा और उसके बाद गोलीबारी की आवाज सुनाई दी. मस्जिद के निकट रहने वाले पेनेहा ने बताया कि बंदूकधारी मस्जिद से बाहर भागा और उसने अपना हथियार रास्ते में गिरा दिया.

अल नूर मस्जिद में हमले के तुरंत बाद दूसरा आतंकवादी हमला लिनवुड मस्जिद में हुआ, बताया जाता है कि वहां पर आतंकी बाईक से पहुंचा और मस्जिद में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग करने लगा.

इस आतंकी हमले की ज़िम्मेदारी लेने वाले एक व्यक्ति ने 74 पेज का एक प्रवासी विरोधी घोषणापत्र छोड़ा है, जिसमें उसने यह बताया है कि वह कौन है और उसने हमले को क्यों अंजाम दिया. उसने बताया कि वह 28 वर्षीय श्वेत ऑस्ट्रेलियाई है. उसने स्वयं को अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रवासी विरोधी नीतियों का प्रशंसक बताया है.

  • स्थानीय पुलिस के अनुसार क्राइस्टचर्च की दो मस्जिदों में हुए हमले में अब तक 49 लोगों की मौत हो चुकी है.
  • इस आतंकवादी हमले में 20 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हैं.
  • न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डर्न ने मस्जिद में हमले को ‘आतंकवादीहमला’ और देश के लिए ‘काला दिन’ बताया है.
  • इस हमले के लिए 28 साल केएक पुरुष को ज़िम्मेदार बताया जा रहा है और चार लोगों को हिरासत में लिया गया है.
  • ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने पुष्टि की है कि ऑस्ट्रेलिया के एक नागरिक को गिरफ़्तार किया गया है. उन्होंने उस शख़्स को ‘दक्षिणपंथी आतंकवादी’ ( White Nationalist terrorist) बताया है.

न्यूज़ीलैंड का दौरा कर रही बांग्लादेश क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों ने ट्विटर पर जानकारी दी है कि वो गोलीबारी में सुरक्षित बचने में कामयाब रहे और इस हादसे के कारण टीम का न्यूज़ीलैंड दौरा रद्द कर दिया गया है.

न्यूज़ीलैंड की प्रधानमंत्री जैसिंडा अर्डन ने इसे देश के इतिहास का काला दिन क़रार दिया है. उन्होंने कहा कि यह एक आतंकवादी हमला है. जोकि प्रवासियों से घृणा के नाम पर किया गया. उन्होंने साफ़-साफ़ ये संकेत दिए कि न्यूज़ीलैंड में यह नफ़रत की मानसिकता बिलकुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

आतंकी इस हमले को फ़ेसबुक और इन्स्टाग्राम पर लाईव स्ट्रीम कर रहे थे, फ़ेसबुक ने ट्वीट करके जानकारी दी कि उसने उन वीडियोज़ को हटा दिया है. साथ ही उन वीडियोज़ और पोस्ट को भी हटाया जा रहा है, जो इस आतंकी हमले का समर्थन कर रहे हैं.