मीडिया की क्रेडिब्लिटी को लेकर हमेशा सवाल उठते है, चर्चा होती है कि मीडिया अब कितना पक्षपाती हो गया. भारतीय मीडिया भी कभी निराश नहीं करता. फेक न्यूज़ में अव्वल रहकर अपने क्रेडिब्लिटी वाले सवाल को जिन्दा बनाये रखता है.
जब हम 2017 में नज़र दौडाते हैं, तो ये पाते हैं कि न्यूज़ चैनल ने और झंडे गाड़े है, एक तरफ कुछ न्यूज़ वेबसाइट जो मीडिया की विश्वसनीयता को बचाये रखने की कोशिश कर रही है (जैसे Altnews, sm hoxslayer, mediavigil ) तो वही दूसरी तरफ ‘रिपब्लिक’ न्यूज़ चैनल लांच होकर दूसरी तरह से झंडे गाड़े है.

ऐसा नहीं है कि ये अकेला चैनल है , ऐसे कई बड़े मीडिया के नाम है जिन्होंने फेक स्टोरी चलाई है.आइये ऐसे ही जानते है कुछ स्टोरीज के बारे में  

  •  Republic TV: जामा मस्जिद का 4 करोड़ का बिल 


बिजली का बिल जमा न करने की वजह से जामा मस्जिद में अंधेरा होने की रिपब्लिक टीवी की खबर. इस झूठी खबर का जन्म कई भ्ग्वावादी  ट्विटर हैंडल और झूठी खबरों की कुख्यात वेबसाइट पोस्टकार्ड न्यूज पर हुआ.  मजेदार बात यह रही कि रिपोर्टर ने गेट पर लाइट की रोशनी में दिख रहे एक बोर्ड को तो दिखाया लेकिन उसे यह समझ नहीं आया कि जब बिजली काट दी गई है तो बोर्ड पर रोशनी क्यों है. बीएसईएस द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण को नजंरदाज करते हुए इस तरह की तथाकथित जांच-पड़ताल के आधार पर, रिपब्लिक टीवी ने यह खबर दी कि चार करोड़ से अधिक का बिल न जमा करने की वजह से बीएसईएस ने जामा मस्जिद को झटका दिया.  इस झूठी खबर का पर्दाफाश ऑल्ट न्यूज ने किया. जिसके बाद चैनल ने बिना कोई माफी मांगे ही अपना ट्वीट और वीडियो डिलीट कर दिया.

  • टाइम्स नाउः केरल में धर्मांतरण का रेट कार्ड वाली स्टोरी 

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टाइम्स नाउ  ने सात साल पुरानी फोटोशॉप की गई फोटो को एक्सक्लूसिव बना कर पेश किया. यह whatsapp यूनिवर्सिटी का असर था. राहुल श्रीशिवशंकर ने एक फोटोशॉप की गई फोटो जो कई वर्षों से व्हाट्सऐप पर घूमने के साथ-साथ वर्षों पहले झूठी भी साबित हो चुकी थी, पर बोलते हुए कहा, ‘‘हिन्दुओं को धर्मांतरित करने के लिए इस रेट कार्ड में बारीक अक्षरों में छपी इस तरह की मुख्य बात मैं आपको बताना चाहता हूं. हिन्दू ब्राह्मण लड़की – पांच लाख रुपये, सिख पंजाबी लड़की, गुजराती ब्राह्मण के लिए सात लाख रुपये वगैरह, हिन्दू क्षत्रिय लड़की – साढ़े चार लाख, हिन्दू ओबीसी/एससी/एसटी – दो लाख रुपये, बौद्ध लड़की – डेढ़ लाख रुपये, जैन लड़की 3 लाख रुपये, खलीफा ने आपकी आस्था के लिए कीमत तय की है. 

  • रिपब्लिक टीवी, सीएनएन न्यूज18: अरुंधति राय का बयान


‘कश्मीर में 70 लाख भारतीय सैनिक आजादी गैंग को हरा नहीं सकते हैं‘‘  यह बयान अरुंधति राय के हवाले से दिया गया था। एक एक ऐसी यात्रा के दौरान, जो दरअसल कभी हुई ही नहीं, एक अस्तित्वहीन इंटरव्यू में एक झूठा बयान दिया गया जो रिपब्लिक टीवी और सीएनएन न्यूज18 द्वारा राय पर हमला बोलते हुए प्राइम टाइम बहस आयोजित करने के लिए पर्याप्त था। यह झूठी खबर किसी अनजानी पाकिस्तानी वेबसाइट से पैदा हुई और पूरी निष्ठा के साथ इसे पोस्टकार्ड न्यूज और अन्य झूठी खबरें फैलाने वाली वेबसाइटों द्वारा प्रचारित किया गया। इसके बार बीजेपी के सांसद परेश रावल ने राय पर जुबानी हमला बोला और इस विषया पर प्राइम टाइम की बहसें हुईं.
क्या अरुंधति राय को ‘‘मानव कवच के तौर पर बांधने‘‘ के लिए कहने वाले परेश रावल सही कह रहे थे. बाद में चौबे ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.
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द वायर द्वारा की गई जांच-पड़ताल से इस झूठ का सच सामने आया जिसे न्यूज चैनलों ने हवा दी थी और न्यूजलॉन्ड्री के इस लेख से इसे विस्‍तार दिया.  राय के झूठे उद्धरण पर प्रतिक्रिया देते हुए न्यूजलॉन्ड्री ने एक ऑप-एड फिर से प्रकाशित किया और अपनी संपादकीय चूक के लिए माफी मांगते हुए इस लेख को वापस लिया.

  • रिपब्लिक, जी न्यूज, टाइम्स ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक टाइम्स, फायनेंशियल एक्सप्रेस: राष्ट्रपति कोविंद के एक घंटे में 30 लाख फॉलोअर बने

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इस खबर को पढ़कर आप वाकई हैरान होंगे कि कोई कहानी कितनी अजीबोगरीब होनी चाहिए ताकि भारतीय मीडिया इसे झूठी खबर मान सके। बिना यह सोचे कि क्या वाकई ऐसा संभव है, भारतीय मीडिया के एक हिस्से ने इससे चमत्कार की तरह लिया और बिना कुछ सोचे समझे ही खबर करने लग गये.
वास्तव में, राष्ट्रपति कोविंद के साथ तो केवल राष्ट्रपति मुखर्जी के फॉलोअर अपने-आप जुड़े थे। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और विभिन्न मंत्रियों के ट्विटर एकाउंट को डिजिटल संपत्ति माना जाता है जो सरकार से संबंधित होती है। जब कोई पदासीन व्यक्ति बदलता है तो ट्विटर की स्ट्रेटेजी के अनुसार डिजिटल ट्रांजीशन होता है ताकि निरंतरता बनी रहे और पिछले व्यक्ति का डिजिटल इतिहास संरक्षित रहे। राष्ट्रपति मुखर्जी के सभी ट्वीट @POI13 के तहत आर्काइव किए गए थे. नया अकाउंट @RashtrapatiBhvn शून्य ट्वीट और पिछले अकाउंट के सभी फॉलोअर के साथ शुरू हुआ. जैसा कि अमेरिका के प्रेसिडेंट के ट्विटर अकाउंट में होता है. इस न्यूज़ का  पर्दाफाश ऑल्ट न्यूज़ ने किया था.

  • रिपब्लिक टीवी, टाइम्स नाउः एक्सक्लूसिव! चीनी एन्वोय के साथ रॉबर्ड वाड्रा वाली न्यूज़ 

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साभार: ऑल्ट न्यूज़

हैशटैग के साथ प्राइमटाइम शो चलाने में माहिर के  रिपब्लिक टीवी और टाइम्स नाउ दोनों ने ये स्टोरी की.  इसका पर्दाफाश ऑल्ट न्यूज ने ट्यूटोरियल वीडियो बनाकर किया.  यह फोटो एक चीनी फूड फेस्टिवल की फोटो थी जिसमें भारत के (तत्कालीन) रेल मंत्री सुरेश प्रभु, सीपीएम के सीताराम येचुरी, जेडीयू के केसी त्याग और बीजेपी के अन्य नेता जैसे तरुण गोयल और उदित राज शामिल हुए थे.
 

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Ashok Pilania

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