रिजर्व बैंक ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि उसने शीर्ष 50 विलफुल डिफॉल्टर्स के 68,607 करोड़ की राशि बट्टा खाते में डाल दी है. इनमें मोदी जी के ‘मेहुल भाई’ का भी नाम है।

मेहुल चौकसी वही कारोबारी हैं जो बैंक लूटने और प्रधानमंत्री से नजदीकी की वजह से मशहूर हुए थे, चौकसी की कंपनी गीतांजलि जेम्स लिमिटेड पर 5492 करोड़ रुपये की देनदारी है। 50 डिफाल्टरों में सबसे ज्यादा रकम चौकसी की ही है।

चौकसी अब एंटीगुआ के नागरिक हैं और उनका भगोड़ा भतीजा नीरव मोदी लंदन में है। आरबीआई ने बताया कि 68,607 करोड़ रुपये की बकाया धनराशि को तकनीकी रूप से और विवेकपूर्ण तरीके से 30 सितंबर, 2019 तक माफ कर दिया गया है।

वित्तमंत्री ने संसद में राहुल गांधी द्वारा पिछले बजट सत्र में संसद में 16 फरवरी, 2020 को पूछे गए प्रश्न का जवाब देने से इंकार कर दिया था। इसके बाद आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले ने आवेदन देकर सूचना मांगी। 24 अप्रैल को जवाब उपलब्ध कराया गया, जिसमें कई चौंकाने वाले खुलासे शामिल हैं। आरबीआई ने कहा कि इस पूरी राशि को 30 सितंबर, 2019 तक माफ कर दिया गया है।

भारत तेजी से विकसित होते देशों में से एक है। अनाज भंडार, मुद्रा भंडार, सरकारी खजाना सब भरा था। अचानक खजाना क्यों खाली क्यों हुआ? क्योंकि पीएमसी, एसबीआई से लेकर आरबीआई तक जमकर लूट हुई है और संगठित लूट हुई है।

उद्योगों को पैकेज देना एक मसला है, वह सरकार का विवेकपूर्ण निर्णय होता है। लेकिन लूटकर भागने वालों को अभयदान दिया जा रहा है। बैंक लूट लेने वालों की लूट की रकम माफ की जा रही है, इसे आप क्या कहेंगे? मास्टरस्ट्रोक?

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Krishna Kant