दलितों के इस गुस्से और बेचैनी को समझिए

दलितों के इस गुस्से और बेचैनी को समझिए

एक अप्रैल को जब यह खबर आई थी कि दलित संगठन एससी/एसटी ऐक्ट में सुप्रीम कोर्ट के बदलाव के खिलाफ ‘भारत बंद’ करेंगे तो शायद ही किसी ने इसे गंभीरता से लिया होगा। सच तो यह है कि ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं चला कि दो अप्रैल को ‘भारत बंद’ भी है। देश […]

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 डॉ अंबेडकर पूजने की "वस्तु" नहीं..अपनाये जाने वाले "लीजेंड"(दिव्यचरित्र) हैं

डॉ अंबेडकर पूजने की "वस्तु" नहीं..अपनाये जाने वाले "लीजेंड"(दिव्यचरित्र) हैं

मैं, फ़िक्रमंद हूँ कि वर्णाश्रम के आख़िरी पायदान पे लटका दिये गए “शूद्र” अपना “ज़िंदा अस्तित्व” मनुवादी निज़ाम मे कैसे ढूंढ सकते हैं? उसमें भी ख़ासकर अतिशूद्र वर्ग ?  इससे बुरा और क्या हो सकता है कि अछूतों के अंदर भी “महाअछूत” वर्ग है जो “इनके” पढ़े लिखे वर्ग के लिए भी उतना ही घृणित […]

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