क्या सरकार के पास नीति, नियत और प्रतिभा का अभाव हो चला है ?

क्या सरकार के पास नीति, नियत और प्रतिभा का अभाव हो चला है ?

दुनियाभर में सीएए और दिल्ली हिंसा के मामलों में, बाहरी देशों की संसद से लेकर वहां के नगर निगमों तक में बहसें हो रही हैं, हमारी सरकार की नीयत पर सवाल उठाए जा रहे हैं,  हमारे संविधान के प्राविधान हमें ही याद दिलाये जा रहे हैं, कुछ देश हमे सामाजिक सद्भाव रखने की सलाह दे […]

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 प्रधानमंत्री जी, सोशल मीडिया छोड़िए या न छोड़िये, पर मिथ्यावाचकों से मुक्त हो जाईये

प्रधानमंत्री जी, सोशल मीडिया छोड़िए या न छोड़िये, पर मिथ्यावाचकों से मुक्त हो जाईये

खबर है पीएम ने सोशल मीडिया, फेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम छोड़ने का निर्णय किया है । कल 2 मार्च को ही उनके यह कह देने के बाद से अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ उन्हें मना रहे हैं कि वे न छोड़े और कुछ मज़ाक़ उड़ा रहे हैं। दुनियाभर के सभी राष्ट्राध्यक्ष ट्विटर पर हैं। […]

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 2020 के बजट से मोदी सरकार ने फिर साबित कर दिया है, कि उसे अर्थव्यवस्था की कुछ समझ नही

2020 के बजट से मोदी सरकार ने फिर साबित कर दिया है, कि उसे अर्थव्यवस्था की कुछ समझ नही

कम शब्दों में 2020 के इस यूनियन बजट को डिस्क्राइब करना हो, तो यह कहना सही होगा। कि यह बजट ‘बिल्ली का गू’ है….. न लीपने का ओर न पोतने का.. इस बजट से सबको उम्मीदे बहुत थी। भारत गहरी आर्थिक मंदी की चपेट में है। यह बात अब बड़े बड़े विशेषज्ञ भी कुबूल कर […]

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 NPR पर गृह मंत्रालय के सूत्रों से जो जानकारी आई है, वो BJP नेताओं के बयान से उलट है

NPR पर गृह मंत्रालय के सूत्रों से जो जानकारी आई है, वो BJP नेताओं के बयान से उलट है

ये है आपका असली चाल, चेहरा ओर चरित्र, कुछ दिनों पहले जब पहली बार नेशनल पॉपुलेशन रजिस्ट्रर NPR की बात सामने आई थी तब प्रकाश जावड़ेकर ने सेल्फ सर्टिफिकेशन या सेल्फ डेक्लरेशन की बात कही थी। अमित शाह तो इसे ‘एच्छिक’ बता रहे थे, उन्होंने कहा था कि अगर एनपीआर में कुछ जानकारियां नहीं भी […]

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 ईरान अमरीका विवाद और भारत

ईरान अमरीका विवाद और भारत

कुछ मित्र इसे भी एक उपलब्धि मान रहे हैं कि अमेरिका ईरान के विवाद में हमे किसी महत्वपूर्ण भूमिका के लिये पूछा जा रहा है। विशेषकर वे मित्र जो 2014 के बाद ही संबोधि को प्राप्त हुए हैं, उन्हें यह बात अधिक लगती है कि यह एक महान उपलब्धि है। जबकि हम दुनिया के विकासशील […]

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 जेएनयू, छात्र आन्दोलन, पुलिस और सरकार

जेएनयू, छात्र आन्दोलन, पुलिस और सरकार

5 जनवरी को जब टीवी पर यह खबर फ्लैश हुयी कि, जेएनयू में छात्रों के दो गुटों में झगड़ा हुआ है तो यह खबर बहुत महत्वपूर्ण नहीं लगी। फिर जब अन्य चैनलों और सोशल मीडिया को खंगाला गया तो पता चला कि, दंगा कराने के एक्सपर्ट गुंडों ने नकाबपोश होकर जेएनयू के हॉस्टल में घुस […]

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 क्या CAA पर असम के मुख्यमंत्री ने भाजपा से बगावत कर दी है ?

क्या CAA पर असम के मुख्यमंत्री ने भाजपा से बगावत कर दी है ?

तो क्या असम के मुख्यमंत्री ने नागरिकता संशोधन क़ानून से बग़ावत कर दी है? सोनेवाल ने कहा है कि इस क़ानून के चलते कोई भी विदेशी असम की धरती पर नहीं आ सकता। असम पुत्र होने के नाते कभी किसी विदेशी को यहाँ बसने नहीं दूँगा। सोनेवाल कभी ऐसा नहीं होने देगा। सोनेवाल का यह […]

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 नज़रिया – डरी हुयी सरकार

नज़रिया – डरी हुयी सरकार

पाकिस्तान, भारत और बांग्लादेश, एक ही वतन और एक ही बदन के दो हिस्से थे, अब तीन हैं। 1947 का बंटवारा, एक बहुत बड़ी ऐतिहासिक भूल, राजनीतिक महत्वाकांक्षा, पागलपन भरे दौर, और अंग्रेजों की साज़िश का दुष्परिणाम था। यह बंटवारा मुझे फ़र्ज़ी, अतार्किक और बनावटी लगता है। लेकिन इधर कुछ बड़ी सकारात्मक चीज़े हुयी हैं। […]

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 अशान्ति, गिरता निवेश और हर पल पंगु होती देश की अर्थव्यवस्था

अशान्ति, गिरता निवेश और हर पल पंगु होती देश की अर्थव्यवस्था

कानपुर के सबसे बड़े औद्योगिक घरानो में से एक के मुखिया से एक दिन एक समारोह में मुलाक़ात हुयी, तो थोड़ी चर्चा देश की अर्थव्यवस्था पर भी हुई। नयी सरकार 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आ चुकी थी। मैंने कहा कि अब तो बिजनेस फ्रेंडली सरकार है। प्रधानमंत्री खुद भी एक विकसित राज्य […]

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 हिटलर के न्यूरेमबर्ग कानून और मोदी सरकार के CAA में क्या समानता है ?

हिटलर के न्यूरेमबर्ग कानून और मोदी सरकार के CAA में क्या समानता है ?

मोदी सरकार जिस तरह के तर्क CAA, NRC पर दे रही है, ठीक यही तर्क कभी 1930 के दशक में सत्ता में आने के बाद हिटलर ने भी दिए थे। आज जिस तरह से बिकी हुई मीडिया के सहारे मुस्लिमों के विरुद्ध विद्वेष फैला रहा है। उसी प्रकार 1930 के दशक में जर्मनी में भी […]

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