मंटो की कहानी “टोबा टेक सिंह” का आखिरी हिस्सा क्या मैसेज देता है ?

मंटो की कहानी “टोबा टेक सिंह” का आखिरी हिस्सा क्या मैसेज देता है ?

मंटो से किसी ने पूछा: “क्या हाल है आपके मुल्क़ का ?” कहने लगा – बिलकुल वैसा ही जैसा जेल मे होने वाली जुमा की नमाज़ का होता है अज़ान फ्राडिया देता है, इमामत क़ातिल कराता है और नमाज़ी सब के सब चोर होते हैं… उर्दू साहित्य के बेबाक और अपनी ही तरह के अनोखे लेखक, सआदत […]

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 सआदत हसन मंटो की कहानी – टिटवाल का कुत्ता

सआदत हसन मंटो की कहानी – टिटवाल का कुत्ता

कई दिन से दोनों पक्ष अपने-अपने मोर्चे पर जमे हुए थे। दिन में इधर और उधर से दस बारह फ़ायर किए जाते जिन की आवाज़ के साथ कोई इंसानी चीख़ बुलंद नहीं होती थी। मौसम बहुत ख़ुशगवार था। हवा ख़ुद ही उगे फूलों की महक में बसी हुई थी। पहाड़ियों की ऊंचाइयों और ढलवानों पर […]

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 "मंटो" जिसने दो कौमों को बंटते हुए देखा

"मंटो" जिसने दो कौमों को बंटते हुए देखा

मंटो जिसने “विभाजन” देखा,जिसने “इन्सान” को “इन्सान” के हाथो मरते देखा जिसने दो “कौमों” को बंटते हुए देखा और जिसने देखा की कैसे “खून” की प्यास इन्सान ही को हो जाती है और वो खून बहाने पर उतारू हो जाता है , ये सब मंटो ने देखा महसूस किया और उसने एक समाज,एक देश,एक कौम […]

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 आखिर 'मंटों' ने कम्युनिष्टों को क्यों कहा – मैं उन्हें ठग मानता हूं.

आखिर 'मंटों' ने कम्युनिष्टों को क्यों कहा – मैं उन्हें ठग मानता हूं.

इसे  विडंबना ही कहा जाएगा कि कुछ महान शख्सियतें कागज के पन्नों पर इन्सानी जिंदगी, समाज और इतिहास की विडंबनाओं की परतों को उघाड़ने में जितनी माहिर होती हैं उनकी खुद की जिंदगी उन्हें इतना मौका नहीं देती कि वे बहुत ज्यादा वक्त तक लिखते रहें. शख्सियतों की इसी फेहरिस्त में एक नाम है- सआदत […]

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