3 जून को गांधीजी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का किया था आवाह्न

3 जून को गांधीजी ने हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का किया था आवाह्न

भारत में हिंदी भाषा का एक लंबा इतिहास रहा है l हिंदी भाषा को समृद्ध और व्यापक बनाने में कई साहित्यकारों व राजनेताओं ने भरपूर प्रयास किए हैं। जिनमें महात्मा गांधी कान नाम सबसे ऊपर आता है। गांधी जी हिंदी भाषा को राजनैतिक तरीके से देश के कोने-कोने में पहुंचाया। हिन्दी भाषा के विकास और […]

Read More
 मीडिया – लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है

मीडिया – लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है

लड़ाई धर्म की है ही नहीं लड़ाई तो बाजार की है। एक अखबार है दैनिक जागरण वह हिन्दी में खबर प्रकाशित करता है कि कठुआ में दुष्कर्म नही हुआ, उसी अखबार का उर्दू संस्करण इंक्लाब उर्दू में कठुआ की वह रिपोर्ट प्रकाशित करता है जो फारेंसिक लैब ने सौंपी है। हिन्दी अखबार अपने ‘हिन्दू’ बाजार […]

Read More
 हिंदी से ये हिकारत क्यों?

हिंदी से ये हिकारत क्यों?

हमारी महान मातृभाषा हिंदी हमारे अपने ही देश हिंदुस्तान में रोजगार के अवसरों में बाधक है। हमारे देश की सरकार का यह रुख अभी कुछ अरसा पहले ही सामने आया था। बोलने वालों की संख्या के हिसाब से दुनिया की दूसरे नंबर की भाषा हिंदी अगर अपने ही देश में रोजगार के अवसरों में बाधक […]

Read More
 क्या आप जानते हैं, संविधान में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा है "राष्ट्रभाषा" का नहीं

क्या आप जानते हैं, संविधान में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा है "राष्ट्रभाषा" का नहीं

जब हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने का मुद्दा संविधान सभा में उठा तो एक सुर में कई लोग इसका विरोध करना शुरू कर दिये, जिसमें दक्षिणी भारत से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों के सदस्य थे। और उनका विरोध वाजिब था। फिर इस तर्क के साथ हिंदी को राष्ट्रभाषा नहीं बनाया गया कि “आज़ाद भारत में कोई चीज़ […]

Read More
 कविता – ये दुनिया आखिरी बार कब इतनी खूबसूरत थी?

कविता – ये दुनिया आखिरी बार कब इतनी खूबसूरत थी?

ये दुनिया आखिरी बार कब इतनी खूबसूरत थी? जब जेठ की धधकती दुपहरी में भी धरती का अधिकतम तापमान था 34 डिग्री सेलसियस। जब पाँच जून तक दे दी थी मानसून ने केरल के तट पर दस्तक, और अक्टूबर के तीसरे हफ्ते ही पहन लिए थे हमने बुआ के हाथ से बुने हॉफ़ स्वेटर… ये […]

Read More