दो ग़ज़ ज़मीन भी ना मिली, कू ए यार में

दो ग़ज़ ज़मीन भी ना मिली, कू ए यार में

साल 1857 की दस मई को जब मेरठ छावनी में सौनिको ने विद्रोह कर दिया तो, उन्होंने अंग्रेज़ों को मारना शुरू कर दिया। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के साथ साथ इस विप्लव की घटनाओं पर किस्से कहानियां, और उपन्यास भी बहुत लिखे गये हैं। ऐसा ही एक औपन्यासिक वृतांत है जूलियन रैथबॉन का उपन्यास द म्यूटिनि। एक […]

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 इनका गुनाहगार कौन ?

इनका गुनाहगार कौन ?

क़ायदे से देखा जाये तो कर्नाटक के किसी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम टीपू सुल्तान के नाम पर होना चाहिए था क्योंकि आज कर्नाटक राज्य का नाम लो या वहाँ के महान हस्तियों का ज़िक्र करो तो टीपू सुल्तान का नाम सबसे पहले ज़हन में आता है। ठीक इसी तरह दिल्ली जो मुग़लिया शान-ओ-शौक़त में पली […]

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 आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम भाग पूर्व में प्रकाशित किया जा चुका है, यदि आपने उसे नहीं पढ़ा है. तो यहाँ क्लिक करके पहले उसे पढ़ें , उसके बाद यह भाग दो आपके लिए ज़्यादा बेहतर होगा. अंग्रेज़ों कि कब्रें वर्तमान भारत में विभाजनकारी माहौल और दूरियां बढ़ रही हैं। सम्पूर्ण […]

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 आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम

आज 24 अक्टूबर 2017 को आखिरी मुग़ल बादशाह, और 1857 भारत की पहली जंग-ए-आज़ादी के नेता, बहादुरशाह ज़फर, की 242वी जयंती है। सिर्फ दो हफ्ते बाद, 7 नवंबर 2017 को,ज़फर की 155 वीं पुण्यतिथि भी आ जाएगी. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान रंगून में मुग़ल बादशाह बहादुर शाह […]

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