दो ग़ज़ ज़मीन भी ना मिली, कू ए यार में

दो ग़ज़ ज़मीन भी ना मिली, कू ए यार में

साल 1857 की दस मई को जब मेरठ छावनी में सौनिको ने विद्रोह कर दिया तो, उन्होंने अंग्रेज़ों को मारना शुरू कर दिया। ऐतिहासिक दस्तावेज़ों के साथ साथ इस विप्लव की घटनाओं पर किस्से कहानियां, और उपन्यास भी बहुत लिखे गये हैं। ऐसा ही एक औपन्यासिक वृतांत है जूलियन रैथबॉन का उपन्यास द म्यूटिनि। एक […]

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 आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम- (भाग 2)

आखिरी मुग़ल और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम का प्रथम भाग पूर्व में प्रकाशित किया जा चुका है, यदि आपने उसे नहीं पढ़ा है. तो यहाँ क्लिक करके पहले उसे पढ़ें , उसके बाद यह भाग दो आपके लिए ज़्यादा बेहतर होगा. अंग्रेज़ों कि कब्रें वर्तमान भारत में विभाजनकारी माहौल और दूरियां बढ़ रही हैं। सम्पूर्ण […]

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