जयपुर में अब कोई भी सुबह 9 से 12 और शाम को 4 से 8 बजे तक रैलियां और जुलूस नहीं निकाल सकेगा. परन्तु धार्मिक शोभायात्राओं को इस पाबंदी से मुक्त रखा गया है.
ये आदेश राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर शहर के लिए दिया है. राजस्थान हाई कोर्ट ने जयपुर शहर में रैलियों और जुलूस आदि के लिए यह पाबंदी लगाई है.
न्यायाधीश के.एस. झवेरी व इंद्रजीत सिंह की खंडपीठ ने सिटीजन प्रोटेक्शन सोसायटी के अध्यक्ष डॉ. कौस्तुभ दाधीच की याचिका पर राज्य सरकार के प्रार्थना पत्र का निपटारा करते हुए यह आदेश दिया.
हाई कोर्ट ने सरकार से यह भी कहा कि वह सुनिश्चित करें कि रैली-प्रदर्शनों के दौरान आमजन को कोई  परेशानी नहीं हो. हाईकोर्ट ने अपनी मंशा जताई कि धरने-प्रदर्शन की बजाय क्या कोई ऐसा सिस्टम विकसित नहीं हो सकता जिसके तहत कोई पांच आदमी ही जाकर संबंधित अफसर को ज्ञापन सौंपें दें.
हाई कोर्ट ने 14 जुलाई 2017 को अंतरिम आदेश दिए थे कि शहरी सीमा में कार्य दिवसों में रैली, विरोध-प्रदर्शन जुलूसों का आयोजन नहीं होना चाहिए. सरकार ने इसी के खिलाफ याचिका लगाई थी और  सरकार की ओर से एएसजी जीएस गिल ने कहा था कि रैली निकालना प्रदर्शन करना आमजन का लोकतांत्रिक हक है, इसलिए पाबंदी हटाई जाए.
जवाब में प्रार्थी के अधिवक्ता आरबी माथुर ने कहा कि वे इसे नियंत्रित करने की बात कह रहे हैं, जिससे कि आमजन को कोई परेशानी नहीं हो. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर रैली, धरने प्रदर्शनों पर लगी पाबंदी को हटाने से इनकार कर दिया.

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सुभाष बगड़िया

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