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पुलवामा के बाद 20 और जवान हुए शहीद, उनकी कोई चर्चा नहीं कर रहा

पुलवामा के बाद 20 और जवान हुए शहीद, उनकी कोई चर्चा नहीं कर रहा

पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के बाद पूरे देश का खून उबाल मार रहा था. इस कायरतापूर्ण आतंकवादी हमले में 44 CRPF जवान शहीद हुए थे.
लेकिन पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना द्वारा जैश ए मोहम्मद के कैंप की गई एयर स्ट्राईक और IAF और PAF के बीच हुई हवाई झड़पों के बाद विंग कमांडर अभिनंदन का पाकिस्तान के क़ब्ज़े में होने और उनकी वापसी तक बहुत कुछ घटित हो चुका है.
सुरक्षा बलों के, चाहे सेना हो या फिर CRPF और जम्मू कश्मीर पुलिस या फ़िर भारतीय वायुसेना, पुलवामा हमले के बाद लगभग 20 जवान विभिन्न मुठभेड़ों में शहीद हो चुके हैं. पुलवामा हमले के बाद की राजनीति और देशभक्ति के उबाल के बीच इन जवानों की शहादत की और किसी का ध्यान नहीं गया. न ही मीडिया का और नाहि राजनीतिज्ञों का.

वह मुठभेड़ें और घटनाएं, जिनमें जवान शहीद हुए

18 फ़रवरी को आतंकियों से हुई मुठभेड़ में 6 लोग शहीद हुए


CRPF के जवानों पर पुलवामा में हुए आतंकवादी हमलों के कुछ ही दिन बाद ही आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान सेना के एक मेजर और 4 जवान व जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हैड कांस्टेबल शहीद हुए. शहीद हुए जवान 55 राष्ट्रीय राइफल्स के थे. मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल (34),  सिपाही हरी सिंह (27), हवलदार श्यो राम (37) और सिपाही अजय कुमार (27) सेना के थे और हेड कांस्टेबल अब्दुल रशीद जम्मू कश्मीर पुलिस से थे. 7 मार्च को होने वाली थी शादी,

17 फ़रवरी को आईईडी डिफ्यूज करने के दौरान शहीद हुए मेजर


फरवरी को जम्मू-कश्मीर में राजौरी जिले में एलओसी के पास एक लैंड माइन को डिफ्यूज करने की प्रक्रिया के दौरान आर्मी मेजर चित्रेश सिंह बिष्ट शहीद हो गए थे. 7 मार्च को उसकी शादी होनी थी.

कुलगाम में मुठभेड़ के दौरान एक डीएसपी और सेना का एक जवान शहीद हुआ

25 फरवरी को, उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी), अमन कुमार ठाकुर और सेना के एक जवान हवलदार सोमबीर कुलगाम जिले के तुरीगाम में एक मुठभेड़ में शहीद हो गए थे. डीएसपी अमन कुमार ठाकुर जम्मू-कश्मीर पुलिस सेवा से 2011 बैच के अधिकारी थे और पिछले दो वर्षों से कुलगाम में तैनात थे. वह जिले में राज्य पुलिस की आतंकवाद विरोधी शाखा का नेतृत्व कर रहा थे.

हंदवाड़ा में 5 जवान शहीद हुए

उत्तरी कश्मीर के हंदवाड़ा में 1 मार्च को एक मुठभेड़ शुरू हुई, जोकि 54 घंटे तक चली.इस मुठभेड़ में CRPF के 3 व राज्य पुलिस के 2 जवान शहीद हुए. साथ ही 2 आतंकवादी भी मारे गए. नसीर अहमद कोहली और गुलाम मुस्तफा बराह शहीद पुलिसकर्मी थे, जबकि सीआरपीएफ ने इंस्पेक्टर पिंटू कुमार सिंह और कांस्टेबल विनोद को एनकाउंटर में खो दिया. एक और सीआरपीएफ जवान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. इस मुठभेड़ में एक नागरिक वसीम अहमद मीर की भी जान चली गई.

MI17 के क्रैश होने से  छह वायुसेना  धिकारी और एक नागरिक की मौत हो गई

27 फरवरी को जब भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई झड़पें हुईं,  तब जम्मू-कश्मीर में बडगाम क्षेत्र में एक एमआई 17 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. वायुसेना के छह अधिकारियों और एक नागरिक की दुर्घटना में मृत्यु हो गई, जिससे यह अटकलें लगाई गईं कि क्या यह पाकिस्तान के जेट विमानों द्वारा किया गया था. लेकिन बाद में वायुसेना  ने स्पष्ट किया कि यह एक दुर्घटना थी. पाकिस्तानी वायुसेना ने भी यह कहा कि यह एक दुर्घटना थी.

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Team TH