मध्यप्रदेश में कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन खुलकर सामने नहीं आया है. आम आदमी पार्टी ने सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा कर के तीसरे मोर्चे को और मजबूती दे दी है. तीसरे मोर्चे के प्रमुख दल बसपा की वजह से कांग्रेस अंबाह, मनगवां और रेगांव में तीसरे नंबर पर पहुंच गई थी. वहीं, दिमनी में भाजपा तीसरे पायदान पर थी. इसी तरह बालाघाट और निवाड़ी में सपा की वजह से कांग्रेस तीसरे नंबर रही थी. बसपा अमरपाटन, भिंड, देवतालाब , कटंगी, महाराजपुर, मुरैना, पन्ना, रीवा, सेमरिया, श्योपुर, सुमावली में दूसरे नंबर पर थी.

महाकौशल में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी तैयार

महाकौशल और विंध्य इलाके में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी भी चुनाव लड़ने के लिए तैयार है. 2003 में गोंगपा के 3 विधायक जीते भी थे. शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, कटनी, बालाघाट और छिंदवाड़ा जिलों में गोंगपा का प्रभाव है. पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि इस बार गोंगपा की चुनाव में खास भूमिका रहेगी. गोंगपा ही ऐसी पार्टी है जो आदिवासियों की आवाज उठाती है. पिछले चुनाव में पार्टी का वोटिंग शेयर 1.5 फीसदी था.

बुंदेलखंड में समाजवादी पार्टी सक्रीय

बुंदेलखंड अंचल में समाजवादी पार्टी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गौरी सिंह यादव सिलवानी से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है. इस सीट से वर्तमान में भाजपा के पीडब्ल्यूडी मंत्री  रामपाल सिंह विधायक हैं. पार्टी सूत्रों के मुताबिक हाल में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की थी. गौरतलब है कि पिछले चुनाव में सपा के प्रत्याशी दो सीटों निवाड़ी और बालाघाट में दो सीटों पर दूसरे नंबर पर रहे थे. बालाघाट से भाजपा विधायक गौरीशंकर बिसेन ने करीब तीन हजार वोटों से सपा की अनुभा मुंजारे को शिकस्त दी थी.

प्रदेश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी है बसपा

2013 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा के चार प्रत्याशी जीते थे. इसी के साथ 11 अन्य सीटों पर बसपा प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे थे. इन 15 सीटों पर बसपा एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है. इसी के साथ बहुत कम अंतर से जिन सीटों पर पार्टी तीसरे पायदान पर रही थी, वहां भी संगठन को मजबूत किया जा रहा है. पार्टी डेढ़ दर्जन सीटों पर तीसरे नंबर पर रही थी.

इनपुट साभार – दैनिक भास्कर