देश के कई हिस्से भारी बारिश से तो कुछ अल्प वर्षा से प्रभावित हैं, जहा एक तरफ केरल में भारी बाढ़ तबाही मचा रही है तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से कम वर्षा हुई है.

मध्यप्रदेश में मानसून के लगभग ढाई महीने गुजर जाने के बाद भी राज्य के 14 जिलों में औसत से कम बारिश दर्ज की गई है. आधिकारिक तौर पर जारी ब्यौरे के अनुसार, राज्य में इस वर्ष मानसून के दौरान एक जून से 18 अगस्त तक 51 में से 14 जिले अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.

भोपाल, सागर, देवास, अनूपपुर, बालाघाट, सतना, हरदा, धार, बैतूल, अलीराजपुर, अशोकनगर, छतरपुर, सिवनी और डिंडोरी ये वो ज़िले हैं जहाँ औसत से कम बारिश दर्ज हुई है.

वहीं, राज्य के चार जिलों भिंड, नीमच, उमरिया और सिंगरौली में सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है.

प्रदेश के दतिया, मुरैना, सीधी, टीकमगढ़, शिवपुरी, आगर-मालवा, सीहोर, दमोह, रतलाम, रायसेन, जबलपुर, उज्जैन, शाजापुर, होशंगाबाद, मंडला, श्योपुरकलां, गुना, कटनी, मंदसौर, इंदौर, नरसिंहपुर, रीवा, ग्वालियर, विदिशा, बुरहानपुर, शहडोल, झाबुआ, पन्ना, खंडवा, राजगढ़, बड़वानी, खरगोन और छिंदवाड़ा जिलों में सामान्य बारिश हुई है.