कुछ दिनों के ठहराव के बाद देश में एक बार फिर से मोब लिंचिंग की घटना सामने आई है. मध्य प्रदेश के सतना में कुछ ग्रामीणों ने एक शख्स को इसलिये पीट-पीटकर मार डाला, क्योंकि उनको उस पर गोकशी का शक था.
मामला सामने आने के बाद इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने बताया, सतना जिले के कैमोर की ओर से गांव लौट रहे दो ग्रामीणों ने कुछ लोगों को खदान के पास मवेशियों के साथ देखा, जिसके बाद उन्होंने गाँव वालों को ये कहकर बुलाया कि गौहत्या हो रही है.
जब ग्रामीण खदान के पास मिले 45 साल रियाज खान ऊर्फ राका और 33 साल के शकील को घेरा और पीट-पीटकर मरणासन्न हालत में छोड़ गए. रात करीब 3 बजे किसी ने डायल 100 को सूचना दी. इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को लेकर मैहर अस्पताल पहुंची. अस्पताल पहुंचने से पहले रियाज की मौत हो चुकी थी.​
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक घटनास्थल के पास एक पैकेट के अंदर से भैंस का मांस प्राप्त हुआ है. पुलिस अधिकारी ने बताया है कि चारों आरोपियों के नाम पवन सिंह गौड़, विनय सिंह गौड़, फूल सिंह गौड़ और नारायण सिंह गौड़ हैं. ​ वहीं घटनास्थल पर कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मजिस्ट्रेट अरविंद तिवारी पहुंच गए हैं और भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.
इस घटना के बाद घायल हुए शकील को इस समय कोमा कोमा की हालत में जबलपुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहाँ उसका इलाज जारी है. ताज्जुब की बात ये है, कि पुलिस ने उसके खिलाफ भी गोहत्या का मामला दर्ज किया है. ज्ञात होकी मृतक रियाज और शकील के परिजनों ने गोकशी से इनकार किया है. जबकि पुलिस ने पवन सिंह गौड़ की शिकायत पर मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम 2004 के तहत मामला दर्ज कर लिया है.
ज्ञात होकि इस कानून में 2012 में संशोधन हुआ था जिसके तहत गौ हत्या का अपराध सिद्ध होने पर 3 की जगह 7 साल की सज़ा के साथ 5000 रूपये के जुर्माने का प्रावधान है. पुलिस ने पहले शकील की रिपोर्ट के आधार पर आइपीसी की धारा 307 ( हत्या की कोशिश ), 34 के तहत मामला दर्ज किया था लेकिन अधिकारियों का कहना है कि रियाज की मौत के बाद हत्या की धारा 302 बढ़ाई जाएगी.

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