राजनीति

क्या भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलायेंगे कमल हासन ?

क्या भाजपा विरोधी दलों से हाथ मिलायेंगे कमल हासन ?

मशहूर एक्टर कमल हासन ने बुधवार शाम अपनी राजनीतिक पार्ट के नाम का ऐलान कर दिया, मक्कल निधि अय्यम नाम की उनकी पार्टी के नाम का मतलब है लोक न्याय केंद्र। मदुरै के ओथाकडाई  ग्राउंड पर अपनी पहली राजनीतक सभा में हसन ने अपनी पार्टी के बारे में कहा कि ‘यह मेरी नहीं आप लोगो की पार्टी है यह कोई एक दिन का शो नहीं बल्कि हमारे पास एक ज़िम्मेदार हैं।

स्टार नही घर का दीपक

कमल हासन ने सभा की शुरुआत करने से पहले रामेश्वरम में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के घर का दौरा किया हासन के कहा कि वह अब फ़िल्म स्टार नहीं  आपके घरों पर के दीपक है, मदुरै जाने से पहले लोगो को संबोधित करते हुए उन्हीने कहा कि आप लोग घर के दीपक की तरह मेरी सुरक्षा करें।
हासन ने कलाम के परिवार से मुलाकात की व कहा कि कलाम को वह कलाम को अपने जीवन का आदर्श मानते है, कलाम की तरह एक सुनहरे व विकसित भारत का सपना देखते हैं।

राजनीति का फ़िल्मी कनेक्शन

इसी के साथ तमिलनाडु की चुनावी राजनीतिक लड़ाई के और तेज़ होने के आसार बन गए है, साउथ की राजनीति का कहीं न कहीं फिल्मी कनेक्शन रहा है हासन के अलावा रजनीकांत भी चुनावी राजनीति में आने की तैयारी कर चुके है, परंतु उन्होंने अभी अपनी पार्टी का ऐलान नही किया है, लेकिन ये दोनों ही सितारे राजनीति के मैदान में अपने मोर्चे बांधते नज़र आ रहे हैं।
पृष्ठभूमि के तौर पर देखा जाए तो दक्षिण की राजनीति काफी लंबे समय से फिल्मी साये में चलती आ रही है, पक्ष और विपक्ष दोनों के ही दिग्गज फिल्मी दुनिया से जुड़े रहे है। तमिलनाडु की राजनीति में द्रविड़ प्रभाव हमेशा से रहा है जो प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से दक्षिण की राजनीति को उत्तर की राजनीति से अलग रखने के भूमिका निभाता है पिछले कुछ समय से उत्तर व दक्षिण की यह दूरी हिंदी फिल्मों और आईपील की बदौलत कम हुई है व राजनीति में द्रविड़ प्रभाव धुंधला पड़ा है।

तमिलनाडु की सियासी शून्यता समाप्त होगी

तमिलनाडु में राजनीति में बदलाव जयललिता की मृत्यु के साथ ही शुरू हो गया था। जयललिता के बाद से एक प्रकार की शून्यता ने राजनीति को घेर लिया, हासन व रजनीकांत कहीं न कहीं फिर से राजनीतिक हलचल शुरू की है एंव दोनों मुख्य पार्टियों के विकल्प के रूप में अपनी नई पार्टी को पेश करने की कोशिश कर रहे है।
कमल हासन ने सबसे बड़ा मुद्दा भ्र्ष्टाचार को बनाया है, जिसके निशाने पर तमिलनाडु की दोनों बड़ी पार्टियां डीएमके व एआईएडीएमके आ जाती है, लेकिन हासन की नज़र  एआईएडीएमके के वोट बैंक पर है शायद इसी कारण वह पार्टी लॉन्च करने से पहले  एआईएडीएमके के किसी शख्स से नहीं मिले। उन्होंने इस बात के भी संकेत दिए कि वह तभी रजनीकांत का साथ स्वीकार करेंगे जब रजनीकांत बीजेपी से कोई संबंध नहीं रखेंगे।

सियासी विकास की गुंजाइश

दक्षिण के अन्य नेताओं के अनुसार कमल हासन की पार्टी के विकास के लिए ज़्यादा गुंजाइश नहीं है, दक्षिण में पहले से ही DMK व AIADMK मुख्य एवं ताकतवर क्षेत्रीय पार्टियां है और जहां रजनीकांत भी अपनी सियासी पार्टी बनाने की योजना बना चुके है। इस तीनो के बीच से रास्ता बनाकर स्वयं का जनाधार बनाना कमल हासन के लिए बड़ी चुनौती होगी।
जब तक वह मुख्य धारा की इन क्षेत्रीय पार्टियों से तालमेल नहीं करते उनके व आने वाली अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के लिए अधिक राजनीतिक भूमि नहीं बचती।
पार्टी की घोषणा के समय उनके साथ खड़े होने वाले अरविंद केजरीवाल एकलौते बड़े नेता थे उनके अलावा केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन का संदेश वहां सुनाया गया।
स्वयं को मध्यमार्गी कहने वाले कमल हासन लेफ्ट,राइट, सेन्टर से किस प्रकार तालमेल बैठाते है यह देखना होगा इसके अलावा दक्षिण राजनीति लंबे समय से जातिगत समीकरणों के साथ बंधी रही है ऐसे में अब गैर-जातिगत कार्यशैली को वहां कितनी तवज्जो दी जाती है व इसे कितना स्वीकार किया जाता है यह भी एक प्रश्न है।

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Ankita Chauhan

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