सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शुक्रवार को पाकिस्तान की और से बातचीत की पहल पर जवाब देते  हुए कहा, कि पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर कहा कि आतंकियों का समर्थन बंद हो तभी बात सम्भव है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों को समर्थन देना बंद करेगा उसके बाद ही शांति वार्ता हो सकती है. बाड़मेर के पास सेना के युद्धाभ्यास के दौरान सेना प्रमुख ने मीडिया से बातचीत की.
सेना प्रमुख का यह बयान पाकिस्तानी सेना प्रमुख केबयान के जवाब में आया है ,बीबीसी उर्दू के अनुसार – जनरल बाजवा ने भारत के साथ शांति वार्ता का समर्थन किया है. उनके हवाले से कहा गया, ”हम भारत के साथ मुद्दों का समाधान युद्ध की जगह वार्ता से निकाल सकते हैं. इस स्थिति में यदि सरकार भारत के साथ बातचीत करने का फैसला करती है तो सेना सरकार का समर्थन करेगी।जनरल बाजवा ने यह भी कहा कि उनके बल भारत सहित सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंधों के पक्ष में हैं. उन्होंने सीनेटरों से कहा, ”हम भारत और अफगानिस्तान सहित सभी पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहते हैं.
सेना प्रमुख जनरल बिपित रावत ने कहा कि हम भी यही चाहते हैं कि पाकिस्तान के साथ हमारे संबंध अच्छे हो. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढावा देने में उनकी ओर से जिस तरह की गतिविधियां की जा रही है उससे ऐसा प्रतीत नहीं होता है कि पाकिस्तान शांति  वार्ता चाहता है. जनरल रावत दक्षिण कमान के थार रेगिस्तान में भारत-पाक सीमा के पश्चिमी क्षेत्र में सेना-वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास हमेशा विजयी को देखने आये थे.
 
उन्होंने कहा कि पडोसी देश को आतंकवादियों को समर्थन बंद करने की पहल करनी चाहिए. उसके बाद ही हम कह सकते है कि उनके साथ शांति वार्ता होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में आतंवादियों के खिलाफ सेना, अर्धसैनिक बल और जम्मू-कश्मीर की पुलिस सफलतापूर्वक लगातार कार्वाई कर रही है और यह जारी रहेगी.
बता दें कि रावत का यह बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के बयान के एक दिन बाद आया है। कुमार ने गुरुवार को कहा था, ‘पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध हमेशा भारत की प्राथमिकता रही है। हम पड़ोसी मुल्क के साथ बेहतर रिश्ते चाहते हैं. पाकिस्तान को अपने देश में मौजूद आतंकियों के खिलाफ सख्ती दिखानी ही होगी. अगर पाक भी भारत के साथ दोस्ती में यकीन रखता है तो यह उन्हें करना ही पड़ेगा.

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