October 29, 2020

केंद्रीय राज्यमंत्री जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण डॉ. सत्यपाल सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने गंगा में अस्थि विसर्जन न करने की अपील की है. उन्होंने महामंडलेश्वरों को जल समाधि के बजाए दाह संस्कार करने की सलाह दे दी. यही नहीं गंगा आरती के दौरान दोने में फूल रखकर गंगा में प्रवाहित करने पर भी केंद्रीय राज्यमंत्री ने चिंता जताते हुए इसे गंगा की पवित्रता के लिए घातक बताया है.
 
मंगलवार को हरिद्वार में  नमामि गंगे के तहत 34 परियोजनाओं का शिलान्यास करते समय सत्यपाल सिंह ने कहा, गंगा में आरती करने के दौरान फूल प्रवाहित करना गंगा की पवित्रता के लिए घातक हो सकता है. परिस्थिति को देखते हुए मैं सबसे अपील करता हूं कि अस्थियों को गंगा में प्रवाहित करने के बजाय उसे जमीन पर एक स्थान पर इकट्ठा कर उसके ऊपर पौधे लगाने चाहिए. जिससे भविष्य की पीढ़ियां उस पौधे में अपने पूर्वजों की छवि देख सकें.
https://twitter.com/OfficeOfSPS/status/943050194429493248
उन्होंने कहा कि वो कर्मकांड में शामिल सभी पुजारियों से आग्रह करते हैं कि वो लोगों में गंगा की सफाई को लेकर जागरूकता फैलाएं.

 मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गंगा के प्रदूषण के पीछे सबसे बड़ा कारण अंधविश्वास भी है. समय के साथ हम सभी को चिंतन की धारा को बदलना होगा. अस्थि विसर्जन गंगा के बजाए जमीन में करके उसके ऊपर एक पौधा लगाकर भी किया जा सकता है. पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल ने कहा गंगा स्वच्छता अभियान को लेकर अब तक संचालित योजनाओं का उल्लेख करते हुए गंगा को विश्व विरासत बताया.
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Team TH

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