पुणे के पास स्थित भीमा-कोरेगांव में एक जनवरी के दिन हुई जातीय हिंसा की आग अब पूरे महाराष्ट्र में फैल चुकी है। महाराष्ट्र में हिंसा फैलाने के आरोप में मंगलवार को दो हिंदुवादी नेताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। राज्य के शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान के जाने माने नेता संभाजी भिड़े और समस्त हिंदू आघाडी के मिलिंद एकबोटे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। 85 वर्षीय भिड़े पर भीमा-कोरेगांव की लड़ाई की 200वीं वर्षगांठ के दौरान हिंसा फैलाने का आरोप लगा है।
संभाजी भिड़े महाराष्ट्र के बहुत ही जानेमाने नेता हैं।राज्य के युवाओं का एक बड़ा हिस्सा भिड़े और एकबोटे को बहुत मानता है। भिड़े सांगली के रहने वाले हैं तो वहीं एकबोटे पुणे के निवासी हैं। मंगलवार को दलित नेता और भारतीय रिपब्लिकन पार्टी बहुजन महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश अम्बेडकर ने इन दोनों हिंदू नेताओं पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया था। बहुजन रिपब्लिकन पार्टी की सदस्य और सामाजिक कार्यकर्ता अनीता रवींद्र साल्वे की शिकायत के आधार पर दोनों हिंदुवादी नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हिंदूवादी नेता – संभाजी भिड़े

आरएसएस के सदस्य रह चुके भिड़े के खिलाफ शिकायत दर्ज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर यह मुद्दा चर्चा में बना हुआ है।उनकी पहचान महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक है।खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संभाजी की तारीफ करते हैं। भिड़े का शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान राज्य में गरीब और जरूरतमंद लोगों के हित के लिए काम करता है और वह अपने समर्थकों के बीच गुरुजी के नाम से भी जाने जाते हैं।
विवादित भाजपा नेता राजा भैया के साथ सम्भाजी भिड़े एवं मिलिंद एकबोटे

पीएम मोदी 2014 लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान एक बार महाराष्ट्र के गए थे तब उन्होंने संभाजी से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात भी की थी । पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने गुरुजी से मुलाकात उनकी प्रार्थना पर नहीं बल्कि उनके आदेश पर की। सांगली में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा था, ‘मैं भिड़े गुरुजी का बहुत आभारी हूं, क्योंकि उन्होंने मुझे निमंत्रण नहीं दिया था बल्कि उन्होंने मुझे हुकुम किया था।’ पीएम मोदी के अलावा शिवसेना चीफ उद्धव ठाकरे भी भिड़े से आशीर्वाद लेते देखे जा चुके हैं। भिड़े छत्रपति शिवाजी को बहुत मानते हैं। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी भिड़े से मुलाकात की थी।

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Durgesh Dehriya

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