क्रिकेट का सबसे पुराना फॉर्मेट “टेस्ट क्रिकेट” खिलाड़ियों के मनोबल और दृढ़ता की परीक्षा माना जाता है. शायद इसलिए इसे टेस्ट क्रिकेट कहा जाता है.बदलते समय के साथ साथ क्रिकेट के अन्य फॉर्मेट भी आते गए और इसके साथ ही टेस्ट क्रिकेट में भी कई बदलाव देखने को मिले.कई बदलावों के बावजूद टेस्ट क्रिकेट आज भी उतना ही लोकप्रिय है जितना कि एकदिवसीय और टी 20 क्रिकेट के आने से पहले था.अपने देश की ओर से टेस्ट कैप हासिल करना हर खिलाड़ी का सपना होता है.
टेस्ट क्रिकेट का पहला ऑफिसियल मैच आज से ठीक 141 साल पहले खेला गया था. 15 मार्च 1877 से 19 मार्च 1877 तक खेले गए इस पहले टेस्ट मैच की साक्षी बनी थीं ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें, जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के ही मेलबर्न के ऐतिहासिक मैदान पर यह मैच खेल था.इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 45 रनों से जीत दर्ज की थी.

ऐसा था पहला टेस्ट मैच

पहले टेस्ट मैच में कोई समय सीमा नहीं थी, इसमें दोनों टीमों ने दो-दो पारियां खेली. ये मैच चार दिनों तक चला. मैच के पहले दिन 4500 दर्शक स्टेडियम में जमा हुए.
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान डेव ग्रेगोरी ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था.इंग्लैंड के अल्फ़्रेड शॉ ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में पहली गेंद डाली थी.अल्फ़्रेड शॉ ने इस मैच में शानदार गेंदबाजी करते हुए पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में 3 विकेट मिलाकर कुल 8 विकेट अपने नाम किये.

पहला टेस्ट खेलने वाली इंग्लैण्ड की टीम

अपनी पहली पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 245 रनों का स्कोर खड़ा किया था.इन रनों में अकेले ही सलामी बल्लेबाज बैनरमैन ने 165 रनों की शतकीय पारी खेली थी, जोकि टेस्ट इतिहास का पहला शतक भी था.
बैनरमेन आउट नहीं हुए बल्कि रिटायर्ड हर्ट यानि घायल होने के बाद पैवेलियन लौटे. ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ यूलियेट की गेंद पर उनकी एक उंगली फट गई और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा.
बैनरमेन का 165 रनों का स्कोर सात साल तक टेस्ट क्रिकेट का सर्वोच्च स्कोर रहा. ये रिकॉर्ड तोड़ा 1884 में बिली मर्डोक ने एक दोहरा शतक लगाकर.ऑस्ट्रेलिया के 245 के जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी सलामी बल्लेबाज हैरी जुप्प के अर्धशतक की मदद से 196 रन ही बना पाई.
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की टीम सिर्फ 104 रनों पर सिमट गई.इस तरह इंग्लैंड की टीम के सामने 153 रनों का लक्ष्य था.लेकिन पूरी टीम सिर्फ 108 रन बनाकर आउट हो गई और इस तरह पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया 45 रनों से जीत गई.
इस टेस्ट मैच में 49 साल के जेम्स सदरटन भी खेले. सबसे उम्रदराज़ टेस्ट खिलाड़ी के रूप में उनका रिकॉर्ड अब तक बरक़रार है.

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Durgesh Dehriya

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