ओला कैब बुकिंग कैंसिल करने के बाद यूपी के एक छात्र नेता ने फ़ेसबुक पोस्ट करके ये बताना चाहा कि उसने अभी अभी एक कैब कैंसिल की है. वजह बताते हुए उसने कहा कि उसे लगा कि ड्राईवर एक भाजपा सपोर्टर है. चूँकि ड्राईवर हिन्दू था. और नेता जी मुस्लिम, इससे साफ़ था कि उक्त नेता ने उस हिन्दू ड्राईवर को भाजपा समर्थक मानकर कैब कैंसिल कर दी.

फ़ेसबुक प्रोफाईल में अखिलेश यादव और तमाम बड़े सपा नेताओं के साथ दिख रहे इस शख्स का नाम है, सैयद मसूदुलहसन. फेसबुक प्रोफ़ाईल देखकर पता चलता है, कि ये AMU छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष और समाजवादी पार्टी युवजन सभा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं.

नेता जी के इस कमेन्ट के बाद मुस्लिम युवाओं का इनके इस क़दम पर गुस्सा फूट पड़ा. कमेन्ट में आकर मुस्लिम युवाओं ने इनके इस क़दम कि भर्त्सना करना शुर कर दी.

पत्रकार मोहम्मद अनस, इस पोस्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं –

अजीब  किस्म की हरकत है। नेता नहीं बन पाओगे यही सोच रही तो। नाम देख कर आतंकी कहने वाले हिंदू भी ठीक हैं यदि तुम्हारी हरकत ठीक है तो।

मोहम्मद अनस के इस कमेन्ट का जवाब देते हुए मसूदुल हसन कमेन्ट करते हुए लिखते हैं “माईंड योर लेंग्वेज”

जिसके जवाब में पत्रकार मोहम्मद अनस कहते हैं –

मैंने तुम्हें गलत नहीं बल्कि हरकत को गलत कहा है. लेट्स नॉट फोकस ऑन मॉय एंगर. बात करो जो तुमने किया है. देश का माहौल खराब है, तुम्हारी इस हरकत से उन संघियों और बजरंगियों की हरकत जस्टिफाई होगी जो मुसलमान ड्राइवर के नाम से राइड कैंसिल कर देते हैं.

एक और कमेन्ट में मोहम्मद अनस नेता जी के इस कृत्य पर समाज में होने वाले नुक्सान का ज़िक्र करते हुए कहते हैं –

जब कोई तुम्हारे या मेरे नाम से ही पूरी क़ौम को आतंकी कहता है तब कैसा लगता है? तुम्हारे 42 रूपल्ली से उस ओला ड्राइवर का कुछ नहीं उखड़ेगा. हां, उसके तथा उसके परिवार समेत तमाम हिंदुओं के दिमाग में मुसलमानों की छवि खराब होगी। समझ रहे हो न नेता जी?

सोशल एक्टिविस्ट अमीक जामई अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं – इस पोस्ट को डिलिट करे और अलीगढ़ की अज़मत और उसके वकार को ज़िंदा रहने दे!

उबैद राजा कादरी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखते हैं –  यह क्या है भाई, इस तरह की मानसिकता संघियों की होती है, आप तो समाजवादी हैं. हर हिंदू भाजपाई या संघी नही होता. हम तो खुद यह ज़ुल्म झेल रहे हैं.

मोहम्मद इमरान अपने कमेन्ट में कहते हैं – बहुत गलत किया आपने हसन साहब ,आपसे यह उम्मीद नही थी.
नफरत को नफ़रत नही मारती प्यार नफरत को मारता है. सोचो अगर सारे मुस्लिम और हिन्दुओ की यही सोच गयी , तो यह देश बर्बाद हो जाएगा.

मुशाहिद अली अपने कमेन्ट में लिखते हैं –  आप शक़्ल से तो पढ़े लिखे मालूम होते हैं, लेकिन हरकतें निहायत जाहिलों वाली की आपने. यह कैसी बुकिंग पर आप इतरा रहे हैं मिस्टर ?

इस घटनाक्रम पर मेरी प्रतिक्रिया

यह हरकत बेहद ही निम्नतम स्तर की हरकत थी, जैसा कि आजकल हिन्दू मुस्लिम नफरत का माहौल बनाने की कोशिश संघ और भाजपा के लोगों के द्वारा की जाती है. ऐसे माहौल में सपा नेता की ये घटिया हरकत समाज को बाँटने का कार्य करेगी. किसी बुज़ुर्ग का नाम या सरनेम देखकर ओला कैब की बुकिंग कैंसिल करने का ये मामला चाहे हिन्दू हों या मुस्लिम दोनों के द्वारा किये जाने पर अच्चा मैसेज नहीं देता. बल्कि देश को तोड़ने का कार्य करता है. इसलिए इस तरह के घटनाक्रमों का जितना आगे आकर विरोध किया जायेगा. उतना बेहतर है.