राजनीति

धर्म कार्ड फेल होता देख, क्या भाजपा भी खेल रही है जाति कार्ड

धर्म कार्ड फेल होता देख, क्या भाजपा भी खेल रही है जाति कार्ड

ज्यों ज्यों गुजरात विधानसभा चुनाव नजदीक आते जा रहे है, त्यों त्यों राजनीतिक दाव-पेंचो का
दौर भी तेजी से उतार चढ़ाव पर है. इसी बीच गुजरात के सीएम विजय रूपाणी का एक कथित
ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें विजय रूपाणी द्वारा अपनी स्थिति
खराब होने की बात कही जा रही है.

गुजरात के सीएम विजय रूपाणी

ऑडियो क्लिप में क्या है?
इस क्लिप में रुपानी नरेश संगीतम से बात कर रहे है. और कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि मैं अभी
देश में इकलौता जैन मुख्यमंत्री हूं.
नरेश – हां जी, हां जी…
विजय रूपाणी – एक मिनट जरूरी फोन आया है.
नरेश – हां जी, साहब! जय जिनेंद्र
विजय रूपाणी – नमस्कार जय जिनेंद्र
विजय रूपाणी – नरेशभाई हमें लड़ना नहीं है फॉर्म वापस ही लेना है क्योंकि पूरे भारत में एक ही
जैन मुख्यमंत्री है.
नरेश – बराबर
विजय रूपाणी – मुझे नरेंद्र भाई का फोन आया था, मुझे कहा कि पांच फीसदी जैन नहीं है फिर भी
हमने जैन को मुख्यमंत्री बनाया. और सुरेंद्र नगर में जैन माने या नहीं?
नरेश – माने क्यों नहीं माने..
विजय रूपाणी – हमारी सबकी परिस्थिति खराब है, मेरी स्थिति ज्यादा खराब हो रही है.
नरेश – हम आपकी परिस्थिति खराब नहीं होने देंगे, आपका साथ देंगे.
इस क्लिप के सार्वजिनक होने के बाद जैन समुदाय से जुड़े 5 निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना
नामांकन वापस ले लिया है. जिन उम्मीदवारों ने अपना नाम वापस लिया है उनमें रचित शाह,
भारत कोठारी, भावेश वोरा, मिलन शाह और नरेश शाह शामिल हैं. हालांकि ये साफ नहीं कि ये
ऑडियो टेप कब का और कितना सही है. ये तो पता नहीं और इसमें सुनाई दे रही आवाजें
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और किसी नरेश संगीतम की हैं या नहीं? इसकी भी अभी तक कोई पुष्टि
नहीं हो सकी है लेकिन यह ऑडियो सोशल साइट पर खुब वायरल हो रहा है. इस ऑडियो क्लिप
में बातचीत गुजराती भाषा में हो रही है. ये पुरा मामला सुरेन्द्रनगर की वाधवान सीट से जुड़ा है
ये पुरा मामला सुरेन्द्रनगर की वाधवान सीट से जुड़ा हुआ है. बीजेपी ने पाटीदार वोटरों को लुभाने
के लिए से यहां की वर्तमान एमएलए वर्षाबेन दोषी का टिकट काटकर धनजीभाई पटेल को अपना
उम्मीदवार बनाया है. धनजीभाई पाटीदार समुदाय से आते हैं, और वर्षा जैन समुदाय से हैं. जैन
बहुल इस सीट पर पिछले चार बार से जैन प्रत्याशी ही विधायक चुनते आ रहे है. कहा जा रहा है
कि निर्दलीय जैन प्रत्याशियों के चुनाव में उतरने से बीजेपी को अपनी संभावनाओं पर बुरा असर
पड़ता नजर आ रहा था, लेकिन अब पांच जैन प्रत्याशियों ने अपना पर्चा वापस ले लिया है. कहा
जा रहा है कि निर्दलीय प्रत्याशियों ने यह कदम कथित तौर पर मुख्यमंत्री से टेलिफोनपर हुई
बातचीत दे बाद उठाया है.

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सुभाष बगड़िया

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