जानना ज़रूरी है

कैसे चेक करें कि जो आप पढ़ रहे हैं वह अफवाह है या ख़बर।

कैसे चेक करें कि जो आप पढ़ रहे हैं वह अफवाह है या ख़बर।

कैसे चेक करें कि जो आप पढ़ रहे हैं वह अफवाह है या ख़बर।
बहुत आसान है यह पता लगाना। मान लीजिए किसी ने लिखा कि फलां शहर में अभी अभी ट्रेन दुर्घटना हुई है। अब आपने पोस्ट पढ़ लिया। सबसे पहले आप उस पोस्ट को शेयर करने का प्रयास करेंगे। कॉपी करके अपने वॉल पर लगाएंगे।
सही तरीके से आपको क्या करना चाहिए? जैसे ही कोई पोस्ट दिखे तो आप आप गूगल में ट्रेन दुर्घटना, शहर का नाम, ट्रेन का नाम, लिख कर सर्च कीजिए। यदि कोई ट्रेन दुर्घटना उस शहर में हुई होगी तो ख़बर आपके सामने आ जाएगी। यदि कुछ नहीं मिलता है तो समझिए वह ख़बर फर्जी है।
यदि किसी का फेसबुक पोस्ट किसी अपराध/हिंसा आदि पर हो तो सबसे पहले शहर का नाम जानने का प्रयास करें, यदि वह प्राप्त हो जाए तो मोहल्ले अथवा गाँव के नाम की जानकारी इकट्ठी करें। इसके बाद उस गाँव या इलाके के पुलिस थाने पर फोन करना चाहिए और वहां से उस घटना से जुड़ी डिटेल मांगनी चाहिए। देश के हर पुलिस स्टेशन और उसके इंचार्ज का नंबर गूगल पर मौजूद है। जैसे कि घटना जॉर्जटाउन, इलाहाबाद की है तो आपको इलाहाबाद के जॉर्ज टाउन थाने का नंबर खोजना होगा। गूगल पर आप Contact Number George Town Police station Allahabad टाइप करेंगे। थाने पर फोन करने के घबराना नहीं चाहिए। यदि आपकी जागरूकता और तत्परता से अफवाहबाज़ों पर लगाम लग जाए तो बहुत अच्छी बाद है।
दक्षिपंथी विचारधारा की वेबसाइट्स जैसे कि पोस्टकॉर्ड्स न्यूज़, ऑप इंडिया, दैनिक भारत, राइटलॉग, सत्यविजयी, रिपब्लिक, ज़ी न्यूज़ की ख़बरों पर भरोसा तब तक नहीं करना चाहिए जब तक की वह ख़बर देश की दूसरी प्रतिष्ठित न्यूज़ पोर्टल्स पर न आई हो।

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Mohammad Anas

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