राजस्थान – 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्‍थानों में प्रवेश में 5 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान में गुर्जरों ने आन्दोलन शुरू कर दिया है. (Gujjar Andolan) शनिवार (9 फ़रवरी 2018) को शुरू हुए इस आंदोलन का नेतृत्व जीएसएस नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला कर रहे हैं.

कर्नल बैंसला ने कहा – हम अपने समुदाय के लिए उसी तरह पांच फीसदी आरक्षण चाहते हैं, जिस तरह केंद्र सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के लिए 10 फीसदी आरक्षण का प्रावधान किया है. हमारी मांग पर सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है. कोई हमसे बातचीत करने भी नहीं आया है, इसलिए हमें मजबूरन यह कदम उठाना पड़ा है.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुर्जर आरक्षण आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस ने पहले भी उनकी बात सुनी थी और अब भी सुनेगा. गहलोत ने कहा, ‘‘सरकार समाधान के लिए बेहद गंभीर है और राज्य सरकार के स्तर पर गंभीर प्रयास किया गया है. राज्य सरकार गुर्जर नेताओं से बातचीत करने को तैयार है. कांग्रेस सरकार ने पहले भी उनकी बात सुनी थी और अब भी सुनेगी. मेरी उनसे शांति बनाए रखने की अपील है.

गुर्जर आरक्षण  के मुद्दे के फिर चर्चा में आने के बीच, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि केंद्र सरकार को गुर्जर आरक्षण के मामले में आई कानूनी अड़चनों को दूर करने के लिए काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और पार्टी गुर्जर आरक्षण के मुद्दे पर प्रतिबद्ध है और न्याय दिलाकर मानेगी.

रविवार को आंदोलनकारियों ने धौलपुर जिले में आगरा-मुरैना हाईवे को बंद करने की भी कोशिश की. इस दौरान आंदोलनकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई और उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के तीन वाहनों को आग लगा दी.

धौलपुर के पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के अनुसार कुछ असामाजिक तत्वों ने आगरा-मुरैना राजमार्ग को जाम कर दिया था. उनके मुताबिक़ कुछ हुड़दंगियों ने हवा में गोलियां चलाईं. इसके बाद पुलिस की एक बस सहित तीन वाहनों को आग के हवाले कर दिया. इस दौरान हुए पथराव में चार जवानों को चोट आईं है. जिसके बाद पुलिस ने आंदोलनकारियों को खदेड़ने के लिए हवा में गोलियां चलाईं. लगभग एक घंटे के बाद इस राजमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया.