लोकसभा चुनाव आते ही, दल बदलने वाले नेताओं के नाम सुनाई देने लगे हैं. सभी अपनी अपनी सहूलियत के हिसाब से एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल होने लगे हैं. इस कड़ी में नया नाम जुड़ा है  टॉम वडक्कन (Tom Vadakkan) का.

टॉम ने आज ( 14 मार्च 2019 ) को कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया है. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने टॉम को भाजपा की सदस्यता दिलाई. टॉम कांग्रेस के राष्ट्रीय टीवी पेनालिस्ट थे. उन्हें सोनिया गांधी के क़रीबी नेताओं  में से एक माना जाता था.

टॉम के भाजपा जॉइन करने के बाद केरल में भाजपा को एक और नेता मिल गया है. जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की उपस्थिति न के बराबर है, वहां पर अन्य दलों के मज़बूत और बड़े चेहरों को भाजपा में लाकर भाजपा ने उन राज्यों में अपनी साख बढ़ाई है. जैसा की पश्चिम बंगाल में मुकुल रॉय को तृणमूल से भाजपा में लाकर बंगाल में भाजपा को मज़बूत करने का कार्य भाजपा के रणनीतिकारों द्वारा किया गया था.

टॉम वडक्कन केरल से आते हैं, उनके भाजपा जॉइन करने के बाद केरल में भाजपा को एक बड़ा चेहरा मिल गया है. वडक्कन ने भाजपा जॉइन करते समय कहा –  मेरे पास कोई विकल्प नहीं था. पार्टी में कौन पावर सेंटर है, यह पता ही नहीं चल पा रहा था. पुलवामा हमले के बाद सेना को लेकर कांग्रेस के स्टैंड से वे काफी दुखी थे और भारी मन से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया. देशप्रेम से समझौता नहीं किया जा सकता है.  पीएम मोदी की तारीफ करते हुए टॉम ने कहा कि कांग्रेस में यूज एंड थ्रो कल्चर है और मुझे यह स्वीकार्य नहीं है. मैंने अपने जीवन के 20 साल कांग्रेस को दिये, लेकिन पार्टी में वंशवाद हावी होता जा रहा है.

ट्विटर पर छाए टॉम के पुराने ट्वीट

टॉम वडक्कन के भाजपा में शामिल होते ही उनके पुराने ट्वीट सोशल मीडिया में घूमने लगे. जिसमें वो ये कहते हुए पाए जा रहे हैं, कि एक बार कोई व्यक्ति भाजपा में शामिल हो जाता है, तो उसके सारे पाप ख़त्म हो जाते हैं. साथ ही कुछ लोग उनके द्वारा कल किये गए एक ट्वीट के स्क्रीनशॉट भी शेयर कर रहे हैं, और कह रहे हैं कि यदि वो आज भाजपा में जाने वाले थे, तो कल तक प्रियंका गांधी के ट्वीट को क्यों रीट्वीट कर रहे थे. ये अलग बात है, कि जिस ट्विटर हैंडल के स्क्रीनशॉट शेयर किये जा रहे थे, वो वेरीफाईड नहीं हैं.