टीवी डीबेट में भड़काऊ भाषा का उपयोग करने पर आरएसएस के राकेश सिन्हा के विरुद्ध भड़काऊ बयानबाज़ी और भावनाओं को ठेस पहुंचाने का केस दर्ज हुआ है.
दरअसल कुछ दिन पूर्व न्यूज़24 चैनल में संघ के राकेश सिन्हा ने मुस्लिम समुदाय पर आपत्तिजनक और भड़काऊ टिपण्णी का उपयोग करते हुए एक बहस के दौरान कहा था – कि जिस दिन आपके खिलाफ़ प्रतिक्रिया हो जायेगी, 15 मिनट क्या 15 सैकेंड नहीं टिक पाएंगे. हिन्दू बहुमत में हैं.

चूंकि राकेश सिन्हा का यह बयान कासगंज हिंसा के समय आया है, इसलिए इसे बेहद ही आपत्तिजनक व समाज को बांटने वाला बयान माना जा रहा है. चूंकि क्रिया पर प्रतिक्रिया वाली बातें गुजरात दंगे के दौरान भी की गई थीं. इसलिए संघ परिवार से जुड़े एक ज़िम्मेदार व्यक्ति के मुंह से निकले इन शब्दों पर समाज में ज़हर घुलने की पूरी आशंका रहती है.
इस भड़काऊ और आपत्तिजनक भाषा के उपयोग के बाद बिहार के सोशल एक्टिविस्ट मेहताब आलम ने राकेश सिन्हा के विरुद्ध केस दर्ज कराया है.

सोशल एक्टिविस्ट मेहताब आलम के अनुसार –

आरएसएस के राकेश सिन्हा के द्वारा मुस्लिम समुदाय को टारगेट की गई टिपण्णी से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंची है. ऐसे बयान समाज को तोड़ने वाले होते हैं. हमारे संवाददाता से मेहताब आलम ने राकेश सिन्हा के बयान पर बोलते हुए कहा –
यह बयान भारत की एकता और अखंडता के विरुद्ध है, यह भारतीय समाज के लिए चिंताजनक समय है. क्योंकि कुछ वर्ष पूर्व एक पार्टी के नेता ने ऐसा ही एक समाज को तोड़ने वाला बयान देते हुए 15 मिनट के समय की बात कही थी और अब टीवी में खुद को संघ का विचारक बताने वाले राकेश सिन्हा खुलेआम मुस्लिम समुदाय के सफाए की बात कर रहे हैं

सोशल एक्टिविस्ट मेहताब आलम

मेहताब आलम कहते हैं

राकेश सिन्हा ने खुलेआम अपना जहर मेनस्ट्रीम मीडिया के सामने उगला है. किसी नस्ल को खत्म करने की बात करना सिर्फ देशद्रोह का ही मामला बन सकता है. आप को 15 sec छूट दे दिया जाए तो आप एक नस्ल को ख़त्म कर देंगे? यह बयान आजाद भारत के सोशल लिबर्टी इक्वालिटी को तोड़ती है. धर्मनिरपेक्षता के मूल्यों को तोड़ती है. संविधान को तोड़ती है. अब ऐसे लोगो को कानूनी सजा तो मिलनी ही चाहिए.
ऐसे नाज़ुक समय में हमें देश को तोड़ने वाली ताक़तों को मुंह तोड़ जवाब देना होगा. चाहे राकेश सिन्हा हों या कोई और. पर जो भी देश में हिन्दू और मुसलमानों को लड़ाने की बात करेगा, उन लोगों के विरुद्ध देश को एकजुट होकर जवाब देना होगा.

ज्ञात होकि कि राकेश सिन्हा के इस भड़काऊ बयानके कुछ दिन बाद कासगंज हिंसा पर और भी भड़काऊ बयान आये थे. ये अलग बात है, कि उत्तरप्रदेश सरकार बड़े ही सधे अंदाज़ में बयान दे रही है. पर वहीं संघ और भाजपा से जुड़े नेताओं की ज़ुबान से लगातार भड़काऊ बयान आ रहे हैं.

अब देखना ये है, कि क्या राकेश सिन्हा कि भी वैसी ही गिरफ्तारी होगी. जैसे कि पूर्व में भड़काऊ बयान देने पर अन्य पार्टियों के नेताओं की गिरफ्तारियां हो चुकी हैं.

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Team TH

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