किसान आंदोलन का हल राजनीतिक तरीकों से ही निकलेगा, पुलिस के बल प्रयोग से नह।

किसान आंदोलन का हल राजनीतिक तरीकों से ही निकलेगा, पुलिस के बल प्रयोग से नह।

किसान आंदोलन अब एक नए फेज में आ गया है। लाल किला की घटना के बाद, इस आंदोलन के नेताओ को अब अपनी रणनीति पर नए सिरे से विचार करना होगा। राजनीतिक दलों को जनहित के इस मुद्दे पर आगे आना होगा और उनसे जुड़ना होगा। हर आंदोलन किसी न किसी राजनीतिक निर्णय से ही […]

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 कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक है

कृषि कानूनों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी सरकार की अक्षमता का प्रतीक है

सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई ने आज सुनवाई करते हुए कहा कि, ” हमे अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है कि आपने ( सरकार ने ) बिना पर्याप्त विचार विमर्श किये एक कानून बना दिया है। जिसके कारण हड़ताल हो गयी है। अब इस आंदोलन से आप ही को निपटना है।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा […]

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 अमित शाह जी ! टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नही है

अमित शाह जी ! टैगोर का राष्ट्रवाद, आरएसएस का राष्ट्रवाद नही है

अगले साल बंगाल में चुनाव हैं। वहां राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी बंगाल के नियमित दौरे पर हैं। अपने एक दौरे में अमित शाह ने कहा कि वे रबीन्द्रनाथ टैगोर के सपनो का बंगाल बनाना चाहते हैं। अगर वे सरकार में आए तो टैगोर के […]

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 कृषि कानूनों पर राजहठ और किसान आंदोलन

कृषि कानूनों पर राजहठ और किसान आंदोलन

दिल्ली की सिंघू सीमा पर जन आंदोलनों के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। 26 नवम्बर 2020 को जब किसानों के कई जत्थे सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनो के खिलाफ सरकार को अपनी व्यथा से अवगत कराने के लिये चल पड़े थे तो शायद ही किसी ने यह सोचा होगा […]

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 किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का स्मरण

किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह जी का स्मरण

आज चौधरी चरण सिंह जी का जन्मदिन है, जिसे किसान दिवस के रूप में देश भर में याद किया जाता है। किसानों पर जवाहरलाल नेहरू का लिखा एक उद्धरण पढिये, ” गांधीजी चाहे लोकतंत्री हों या ना हों, वह भारत की किसान जनता के प्रतिनिधि अवश्य हैं. वह उन करोड़ों की जागी और सोई हुई […]

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 यह किसान आंदोलन “कार्पोरेट नीत न्यू वर्ल्ड ऑर्डर” के खिलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन है

यह किसान आंदोलन “कार्पोरेट नीत न्यू वर्ल्ड ऑर्डर” के खिलाफ़ अब तक का सबसे बड़ा आंदोलन है

दिल्ली की सिंघू सीमा पर जन आंदोलनों के इतिहास का एक सुनहरा अध्याय लिखा जा रहा है। 26 नवम्बर 2020 को जब किसानों के कई जत्थे सरकार द्वारा बनाये गए तीन कृषि कानूनो के खिलाफ सरकार को अपनी व्यथा से अवगत कराने के लिये चल पड़े थे तो शायद ही किसी ने यह सोचा होगा […]

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 नए कृषि कानून और उनकी वैधानिकता

नए कृषि कानून और उनकी वैधानिकता

नए कृषि कानूनो को लेकर 26 नवम्बर से किसानों का आंदोलन चल रहा है और  तब से किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर हज़ारो की संख्या में इस सर्दी में बैठे हैं। लोग उन कानूनो पर बहस भी कर रहे है और सरकार की किसानों से बातचीत भी चल रही है । पर इन कानूनों […]

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 नज़रिया – किसान आंदोलन नहीं बल्कि सरकार हाईजैक हुई है ?

नज़रिया – किसान आंदोलन नहीं बल्कि सरकार हाईजैक हुई है ?

सरकार को उम्मीद थी कि रेलवे और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानो में निरन्तर कॉरपोरेट की दखल बढ़ाते हुए और रेलवे की लोककल्याणकारी योजनाओं जो बंद करते हुए उसे न तो रेल या सरकारी कर्मचारियों का विरोध झेलना पड़ा है और न ही रेल यात्रियों का गुस्सा ही संगठित होकर फूटा, तो वैसे ही कोरोना आपदा में […]

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 नए कृषि कानूनो के विधिक परीक्षण की आवश्यकता है

नए कृषि कानूनो के विधिक परीक्षण की आवश्यकता है

अगर आप को लगता है कि नया कृषि कानून केवल किसानों का ही अहित करेगा तो यह आप का भ्रम है। कृषि और किसानों के विषय पर नियमित अध्ययन और लेखन करने वाले पत्रकार, पी साईंनाथ ने द वायर में एक विस्तृत लेख लिख कर इन कानूनों में व्याप्त विधिक विरोधाभासों को उजागर किया है। […]

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 नये कृषि कानून में जमाखोरी को क्यों वैध बनाया गया है ?

नये कृषि कानून में जमाखोरी को क्यों वैध बनाया गया है ?

8 दिसंबर, को किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में भारत बंद का आह्वान किया था। बंद सफल रहा । सबसे उल्लेखनीय बात थी कि, इस बंद में देश मे कहीं से भी हिंसा के समाचार नहीं मिले। लंबे समय के बाद, देश मे जनहित के मुद्दे पर जनता जागरूक दिखी और उसने अपने हक़ […]

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