मौत के वक्त लिटरेचर के नोबल के लिए नामित हो चुके थे “फ़ैज़”

मौत के वक्त लिटरेचर के नोबल के लिए नामित हो चुके थे “फ़ैज़”

“वो लोग बहुत खुशकिस्मत थे, जो इश्क को काम समझते थे या काम से आशिकी करते थे, हम जीते जी मसरूफ रहे” एक फौजी अफसर, एक पॉलिटिशियन, एक डिप्लोमेट, एक क्रांतिकारी, और उर्दू अरबी का अध्येता, फैज अहमद फैज की मसरूफ जिंदगी का किस्सा स्यालकोट से शुरू होता है। अंग्रेजी में एमए फ़ैज़ , ब्रिटीश […]

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 क्या फ़ासीवाद के रास्ते पर जा रहा है भारत का भविष्य ?

क्या फ़ासीवाद के रास्ते पर जा रहा है भारत का भविष्य ?

ये मेरे देश के युवा हैं। मेरे शहर के युवा हैं। मेरे घर के युवा हैं.. अदरवाइज भले और मासूम व्यक्तित्व हैं। देश की आबादी का कोई 60 प्रतिशत युवा है। बांकेलाल के 37% समर्थकों में आधे यही युवा हैं, याने कोई 15 से 18% युवा ऐसी तख्तियों के साथ घूम रहे हैं। उग्रता के […]

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 नाज़ियों का Ghetto और वह मुस्लिम बस्तियां जिसे आप मिनी पाकिस्तान कहते हैं

नाज़ियों का Ghetto और वह मुस्लिम बस्तियां जिसे आप मिनी पाकिस्तान कहते हैं

आपके आसपास कोई मुस्लिम बस्ती है क्या?  वही, जिसे आपके शहर का ” मिनी पाकिस्तान कहते” हैं। कभी देखिएगा ध्यान से, शायद ही ऐसी बस्ती “पॉश” कही जा सकती हैं। इनके हालात Ghetto से बेहतर नही होते। Ghettoization शब्द का बड़ा दागदार इतिहास है। घेट्टो एक तरह की चाल होती है, मुम्बई की चाल आपने […]

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 NRC बस आखरी लाइन है, इसके आगे आर्यावर्त है

NRC बस आखरी लाइन है, इसके आगे आर्यावर्त है

नेता कितना भी मजबूत हो, उम्र के हाथों मजबूर होता है। सत्तर की उम्र काफी होती है, 75 की और भी ज्यादा..। हमारे डियर लीडर, अस्ताचलगामी हैं। मगर जैसा कि हर राजा की इच्छा होती है, आजीवन सत्ता सूत्र से बेदखल नही होना चाहता। तो बिसात चल दी गयी है। सेमी-रिटायर्ड नेता के अप्रेन्टिस ने […]

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 तुम्हे यकीन नही होता, मगर भारत ये 1947 में भी नहीं चाहता था

तुम्हे यकीन नही होता, मगर भारत ये 1947 में भी नहीं चाहता था

यकीन नही होगा, मगर अब यह खात्मे की शुरुआत है। नरेन्द्र मोदी साहब का इमरजेंसी मोमेंट शुरू हो चुका है। अब पीछे हटे तो कोर समर्थकों का सम्मान खोएंगे। बदस्तूर आगे बढ़े तो देश गृहयुद्ध की ओर बढेगा। आगे कुआं, पीछे खाई.. मोदी साहब ने इतिहास में अपना स्थान तय कर लिया है। उनके काल […]

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 व्यंग – आह भोपाल, वाह भोपाल

व्यंग – आह भोपाल, वाह भोपाल

भगवा वस्त्र, स्फटिक और रुद्राक्ष की माला, चंदन का टीका.. इस तस्वीर के लिए जाते वक्त प्रज्ञा कोर्ट की पेशी में जा रही हैं। मामला महाराष्ट्र के मालेगांव स्थित एक मस्जिद में बम ब्लास्ट का है, जिसमे 6 लोग मारे गए और 100 से अधिक घायल हुए। इस मामले में पहले महारास्ट्र पुलिस ने कुछ […]

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 एयर इंडिया की बर्बादी की कहानी

एयर इंडिया की बर्बादी की कहानी

एक इन्डस्ट्रीयलिस्ट थे, खानदानी बिजनेसमैन, हिंदुस्तान का बड़ा घराना..। जेआरडी टाटा को जीवन मे, पहले से ही बहुत मिला था। मगर इससे कुछ नया करने के जोश में कोई कमी नही आई थी। साहब ने 1932 में दो पायलट, चार इंजीनियर और कुछ लोगो को मिलाकर एक कम्पनी बनाई, और हवाई डाक का ठेका लिया। […]

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 नज़रिया – पैसे पेड़ पर नही ऊगते..

नज़रिया – पैसे पेड़ पर नही ऊगते..

हम जो लिब्रेलाइजेशन की औलादें है। हम जो पिछले बीस सालों में कॉलेज से निकलकर धन्धे पानी और जॉब में है.. एक घमण्ड में रहे। घमण्ड ये, की विकास सरकारें नही, हम करते हैं, जनता करती है। गुमान था, कि सरकार चाहे कोई आये, विकास तो होता रहेगा। इसलिए विकास “फार ग्रांटेड” था। तो हमें […]

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