सिर्फ प्रज्ञा ठाकुर की आलोचना करना पर्याप्त नहीं है

सिर्फ प्रज्ञा ठाकुर की आलोचना करना पर्याप्त नहीं है

प्रज्ञा ठाकुर की बात करते हुए खूब विवाद हुआ कि नाथूराम गोडसे को आतंकी माना जाए या नहीं. कमल हासन ने आतंकी बताया वहीं बाकी लोग उसे बस एक हत्यारा कह रहे थे. अगर हत्यारा भी मानें तो क्या हत्यारा होना ही अपने आप में बड़ा अपराध नहीं है? क्या इसके लिए आतंकी शब्द जुड़ना […]

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 सबरीमाला मंदिर महिलाओं का प्रवेश और मर्दवादी मानसिकता

सबरीमाला मंदिर महिलाओं का प्रवेश और मर्दवादी मानसिकता

सबरीमाला मंदिर में दो औरतें घुसने में कामयाब रही हैं. वहां के महंत मंदिर को बंद कर शुद्धिकरण करने में कामयाब रहे हैं. सबरीमाला का मंदिर देश में सिर्फ एक जगह नहीं है. आपको महंत बने बैठे पुरुषों का ये तरीका घरों में, ऑफिसों में भी देखने को मिल सकता है. चार-पांच पुरुष मिलकर एक […]

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 नज़रिया – आपके घर से ही शुरू होता है "रेप कल्चर"

नज़रिया – आपके घर से ही शुरू होता है "रेप कल्चर"

संजलि को जलाए जाने की खबर में मैं कुछ भी लिखने से बच रही थी. मुझे मामला थोड़ा संदेहास्पद लग रहा था. क्योंकि परिवार की तरफ से जाति-एंगल या छेड़खानी को लेकर कोई बयान नहीं आया था. इसलिए मैंने इस मामले पर पुलिस की जांच का इंतजार किया. जब संजलि के ताऊ के बेटे ने […]

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