मूलभूत समस्यायों से झूझता भारत

मूलभूत समस्यायों से झूझता भारत

हमारा देश भारत. जिस पर हमें अगाध गर्व है, कुछ मूलभूत सुविधाओं के लिए झूझ रहा है. जनसँख्या की दृष्टि से देखें तो विश्व में प्रत्येक छठा नागरिक भारतीय है. और विश्व में दूसरा स्थान है. लेकिन मूलभूत सुविधाओं जैसे-रोटी, कपडा, मकान और दिल्ली जैसे महानगरों में श्वास लेने के लिए स्वच्छ  हवा और स्वच्छ […]

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 Hunger index- China,Nepal, Bangladesh leave behind us on hunger battle

Hunger index- China,Nepal, Bangladesh leave behind us on hunger battle

According to a recently published joint report by the International Food Policy Research Institute (IFPRI), Concern Worldwide, and Welthungerhilfe on Global Hunger Index (GHI) demonstrates that India acquired the 100th place among the 119 countries. With the comparison of the last year, India lagged by the three position. The country’s hunger level is driven by high child malnutrition and […]

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 अर्थव्यवस्था पर यशवंत सिन्हा के लेख के बाद घिरी मोदी सरकार

अर्थव्यवस्था पर यशवंत सिन्हा के लेख के बाद घिरी मोदी सरकार

बीजेपी के कद्दावर नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने मोदी सरकार को जमकर कोसा. अंग्रेजी अख़बार ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में ‘मुझे अब बोलने की आवश्यकता है’ शीर्षक से लिखे आर्टिकल में सरकार की वित्तीय नीतियों की जमकर आलोचना की.उन्होंने सरकार की डीमोनेटाइजेशन से लेकर जीएसटी पर अपनी बेबाक राय प्रकट की है. खास बात […]

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 क्या कोई है, जो सुनेगा किसानों की व्यथा

क्या कोई है, जो सुनेगा किसानों की व्यथा

हमारे देश की 80 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से  कृषि से जड़ी हुयी है.आज किसानों  की आत्महत्या करना इस देश के खास लोगों के बीच में आम सा हो गया है. कोई भी किसान की सूध लेने वाला नहीं है.  हजारों किसान अपने हाथों से लगायी हुई फसल को उजड़ते देख अपनी जान दे चुके है. क्या  यह […]

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 शशि थरूर के जवाब से चारो खाने चित हुये ब्रिटिश

शशि थरूर के जवाब से चारो खाने चित हुये ब्रिटिश

शशि थरूर विदेशी मामलों के जानकर के तौर पर जाने जाते है और मुख्यतः ब्रिटिश शासन पर गहरे अध्ययन के लिए. उन्होंने ब्रिटिश शासन की धज्जियां उड़ाते हुए एक पुस्तक ‘इरा ऑफ़ डार्कनेस’ के नाम से लिखी है. थरूर की अपनी फर्राटेदार अंग्रेजी के लिए जाने जाते है . और उनका अंग्रेजी उच्चारण तो कयामत […]

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 फ़्लाप शो साबित हुई नोटबंदी

फ़्लाप शो साबित हुई नोटबंदी

प्रधानमंत्री का देश के नाम संदेश आया. 8 नवंबर रात 8 बजे. राष्ट्र के नाम ये सन्देश नोट बंदी का था. 500 और 1000 के नोट बंद किये जा चुके थे. एक पल में ये लगा कि ये कदम कितना क्रांतिकरी है. सोशल मीडिया इस कदम की सरहाना करने लगी. इसके पीछे सीधा सा लॉजिक […]

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 जानिये, क्या है निजता  का अधिकार ( राईट टू प्राइवेसी ) का पूरा मामला

जानिये, क्या है निजता का अधिकार ( राईट टू प्राइवेसी ) का पूरा मामला

देश के सर्वोच्च न्यायालय ने सर्वसम्मति से निर्णय दिया है कि निजता का अधिकार(राईट टू प्राइवेसी) भी मूल अधिकार है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने मूल अधिकार की सख्यां को नहीं बढ़ाया है, बल्कि संविधान के अनुच्छेद 21 की व्याख्या करते हुए यह निर्णय दिया है.   क्या है अनुच्छेद 21? संविधान का अनुच्छेद 21 गारंटी […]

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 क्या इतिहास बदलने से व्यवस्था बदल जाएगी?

क्या इतिहास बदलने से व्यवस्था बदल जाएगी?

राजस्थान सरकार राज्य की व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे पर सता में आई थी. पर अब राज्य की व्यवस्था परिवर्तन तो हो चूका है. तो अब सरकार ने ठान लिया है कि क्यों न बचे हुए एक साल में इतिहास बदला जाए. महाराणा प्रताप और अकबर के बीच हल्दीघाटी का युद्ध हुआ था. इतिहासकार मानते है […]

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 भले ही वो हार गयीं, पर दिल जीत लिया

भले ही वो हार गयीं, पर दिल जीत लिया

पिछली दफा जब पीवी सिन्धु का रियो में ओलंपिक फाइनल देख रहे थे। आशाएं थी गोल्ड मैडल की. मैच समाप्त हुआ और उम्मीदें भी. उस समय भी सिन्धु ने हारकर भी खूब वाह-वाही लूटी। जिसकी वो सिल्वर मैडल जीतकर हकदार भी थी। लगभग एक साल बाद वो ही वाक्या क्रिकेट के रूप में रिपीट हुआ। […]

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