कविता – दिल का समंदर

कविता – दिल का समंदर

तेरे दिल का समंदर है गहरा बहुत पर डुबाने को मुझको ये काफी नहीं कल फिर तुम तोड़ोगी वादा कोई फिर कहोगी गलती मैंने की माफ़ कर दो मुझे और आगे से गलती फिर होगी नहीं तेरे दिल का समंदर है गहरा बहुत पर डुबाने…. कुछ कहता हूँ मैं तुम सुनो ध्यान से तोड़ा अब […]

Read More
 कविता – इश्क के शहर में

कविता – इश्क के शहर में

मेरी बातें तुम्हें अच्छी लगतीं, ये तो हमको पता ना था तुम हो मेरे हम हैं तुम्हारे, ये कब तुमने हमसे कहा जिस दिन से है जाना मैंने आपकी इन बातों को ना है दिन में चैन कहीं, न है रातों को.. पहली बार जो तुमको देखा, दो झरनों में डूब गए बाँहों से तेरी […]

Read More
 स्वीकार करने की ताक़त

स्वीकार करने की ताक़त

स्वीकार करने की ताक़त  (Power of Acceptance)———————- क्या हमने कभी भी जिंदगी में ऐसा करने की कोशिश की है, अगर नहीं तो, आज ही सिर्फ 24 घंटे के लिए ये करके देखिये, ऐसा सोचते ही, हम कितना हल्का महसूस करते हैं, …… 1. मालिक अपने कर्मचारी को या कर्मचारी अपने मालिक को. 2. पति अपनी […]

Read More