मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश के नाथ बने "कमलनाथ"

मध्यप्रदेश के नाथ बने "कमलनाथ"

ये तय हो गया है कि, कमलनाथ मध्य प्रदेश के 18वे मुख्यमंत्री होंगे. भोपाल में कांग्रेस विधायक दल की बैठक में कमलनाथ को विधायक दल का नेता चुना गया. इससे पूर्व गुरुवार को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के घर में हुई बैठक हुई, जहां कमलनाथ के नाम पर मुहर लगा दी गई.
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अपने स्कूल की पढ़ाई के से से संजय गांधी के दोस्त रहे कमलनाथ गांधी-नेहरु परिवार के काफी क़रीबी रहे हैं. दून स्कूल से शुरू हुई यह दोस्ती काफी लंबी चली. कानपुर में पैदा हुए कमलनाथ को 1980 में कांग्रेस ने पहली बार मध्यप्रदेश छिन्दवाड़ा से टिकट दिया था. इंदिरा गांधी ने उस समय चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि मैं नहीं चाहती आप कमलनाथ को वोट करें बल्कि मैं कहती हूं कि आप मेरे तीसरे बेटे को वोट करें.
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ये संयोग ही होगा, कि इंदिरा गांधी ने 13 दिसंबर 1977 को छिंदवाड़ा को कमलनाथ के रूप में अपना तीसरा बेटा सौंपा था. और राहुल गांधी ने 13 दिसंबर 2018 को मध्यप्रदेश को कमलनाथ सौंपा है.

आदिवासी बाहुल्य ज़िला छिंदवाड़ा से 1977 में पहली बार उन्होंने चुनाव जीता उसके बाद छिन्दवाड़ा से 9 बार सांसद चुने गए. सिख विरोधी दंगे और हवाला कांड दो ऐसे वाकये हैं जिसने उनकी सियासी सफर और व्यक्तित्व पर सवाल उठाया. 1996 में जब कमलनाथ पर हवाला कांड के आरोप लगे थे तब पार्टी ने छिंदवाड़ा से उनकी पत्नी अलकानाथ को टिकट देकर उतारा था, वो जीत गई थीं लेकिन अगले साल हुए उपचुनाव में कमलनाथ को हार का मुंह देखना पड़ा था. वे छिंदवाड़ा से केवल एक ही बार हारे हैं.
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कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभालते हुए कमलनाथ ने यूपीए सरकार पर्यावरण और वन मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली. साल 1995 से 1996 तक केंद्र सरकार में कपड़ा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे. 2004 से 2009 तक केंद्र सरकार में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाली. 2009 में यूपीए-टू में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई.
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मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनावों के 7 माह पूर्व कमलनाथ को मध्यप्रदेश कांग्रेस की कमान दी गई. कमलनाथ ने आते ही संगठन की कसावट शुरू की. जिसका नतीजा ये निकला की कांग्रेस ने अपने संगठन को बूथ स्तर तक पहुंचाया. संगठन की इस कसावट का असर विधानसभा चुनावों के नतीजे से स्पष्ट हो गया. कि मध्यप्रदेश में 15 वर्षों से सत्ता पर क़ाबिज़ भाजपा को कमलनाथ के मैनेजमेंट ने सत्ता से बाहर कर दिया और अब कमलनाथ मध्यप्रदेश के 18 वे मुख्यमंत्री चुन लिए गए हैं.

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Team TH