October 20, 2021

जोहो के सीईओ श्रीधर वेंम्बू का एक ट्वीट ट्विटर पर बहुत काफी वायरल हो रहा है, जिसमें एक विशालकाय किंग कोबरा की तस्वीर साझा की गई है। इस ट्वीट पर अब तक लोग अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहें हैं। 

आमतौर पर देखा गया है कि सांप का नाम सुनते ही व्यक्ति के शरीर में रोंगटे खड़े हो जाते हैं। सांप के साथ अनुभव खतरे से खाली नहीं हो सकता है। लेकिन इस तरह के‌ पोस्ट से लोग काफी प्रभावित होते हैं और जिस पर अपनी सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रियाएं भी पोस्ट के जरिए शेयर करते हैं। हालांकि जंगलों से वन्य जीव जंतु के विलुप्त होने की भी खबरें सामने आती रहती है। जिससे प्रकृति भी प्रभावित होती है।

लेकिन जंगल से मिले  12 फुट के कोबरा को छूना तो दूर की बात है। उसे देख कर कई लोगों की सांसे ही रुक जाएंगी। मगर बिजनेस टायकून श्रीधर वेम्बू इस वायरल हो रहे पोस्ट में उन्होंने 2 तस्वीरें ट्वीट की हैं, पहली तस्वीर में 12 फुट किंग कोबरा है और दूसरी में श्री वेम्बू , सीईओ और जोहो कॉरपोरेशन  के संस्थापक और वन रेंजरों के एक समूह को सांप पकड़े हुए देखा जा सकते हैं।

श्री वेम्बू ने इसे कैप्शन दिया है, “12 फुट लंबा एक दुर्लभ किंग कोबरा हमसे मिलने आया है”। उन्होंने आगे कहा “हमारे अद्भुत स्थानीय वन रेंजर आए और उन्हें पास के पहाड़ों में छोड़ने के लिए पकड़ लिया। मैं उसे छूने की कोशिश कर रहा हूं। आपका दिन शुभ हो”।

इस पोस्ट को कुछ ही घंटों में 3.4k से अधिक लाइक्स मिले जो कि आश्चर्य की बात बिल्कुल भी नहीं है। क्योंकि इस तरह की वीडियो को सोशल मीडिया पर अधिकतर की तादाद में देखा जाता है और जो कि आजकल आम भी हो चुका है। फिलहाल सोशल मीडिया पर खौफनाक  मुठभेड़ों से ट्विटर कितना रोमांचित है ये‌ हम सभी अच्छी तरीके से जानते हैं।

2019 में आई कोरोना महामारी के अंत में कोविड-19 के प्रकोप को फैलने से पहले, श्री वेम्बू ने दक्षिण तमिलनाडु के सुंदर पश्चिमी घाटों में तेनक्सी के पास मथालमपराई गांव का दौरा किया था।

यूजर्स की टिप्पणी-

इतने बड़े विशाल शानदार ड्रैगन की तस्वीरों को देखकर कईं यूजर्स दंग रह गए। कुछ लोग श्रीवेम्बू जी से सहमत थे कि यह शुभ था।  एक यूजर ने लिखा, ‘सुपर। मुझे नहीं पता था कि पोथिगई पहाड़ियों में किंग कोबरा भी होता है”।

एक व्यक्ति ने पहले ट्वीट किया और फिर उसे हटाने के बाद सांप की खोज के उत्सव की आलोचना की, जिस पर श्री वेम्बू ने उत्तर दिया कि “सांपों की उपस्थिति एक स्वस्थ वातावरण का प्रतीक है। इसीलिए सांपो की उपस्तिथि का जश्न मनाना पूरी तरह से जायज है, अगर हम पूरे परिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम केवल सांपो को ही नहीं खोयेंगे,”

कुछ यूजर्स ने सांप के आकार को देखकर दंग रह गए और कमेंट किया , “ये वाकई में ही बहुत बड़ा और डरावना लग रहा है”

एक अन्य यूजर्स ने  यहां तक कह दिया इस सांप को देखकर किसी को भी “पैनिक अटैक” आ सकता है। “अगर मैंने इतना बड़ा लेकिन विशाल जानवर देखा होता, तो मुझे एक बड़ा पैनिक अटैक आ जाता।

अरुण कुमार नाम के एक यूजर ने ट्वीट किया कि लोग सांपों को संभालते समय पर्याप्त सावधानी नहीं बरतते हैं। सांपों को संभालने का गैर-पेशेवर तरीका फोटो सेशन के लिए सांप को इस तरह पकड़ने का कोई कारण नहीं था। उनके कशेरुक नाजुक होते हैं और आसानी से क्षतिग्रस्त हो सकते हैं।

दीपक सुगंधी ने लिखा,”इस घटना को” जोहो कोबरा “नामक एक नया ऐप/सेवा लॉन्च करके मनाया जाना चाहिए। आप देख सकते हैं कि इस खबर फिर मजेदार टिप्पणियों की श्रृंखला का रूप ले लिया जहां कुछ उपयोगकर्ताओं ने इसकी पीली नसों में तस्वीरें ली।

कुछ उपयोगकर्ता तो ऐसे थे जिन्होंने पायथन प्रोग्रामिंग भाषा को याद किया। इसमें से एक ही यूजर एसएमआर प्रसाद नाम  ने लिखा हो सकता है कि अगर जोहो ने एम एल और एआई के लिए एक नई प्रोग्रामिंग भाषा बनाई तो इसका नाम किंग कोबरा 12.0 हो सकता है।

ऐसे खतरनाक सांपों से निपटना आसान नहीं होता है। क्योंकि इतने बड़ा सांप बहुत जहरीला होता है। लेकिन इस तरह के सांपों से निपटने के लिए हमें वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र अधिकारी से तुरंत संपर्क में आना चाहिए और इन्हें जंगल में छोड़ देना चाहिए।

क्योंकि आए दिन हमारे वन्य जीव जंतु धीरे धीरे बदलते पर्यावरण के प्रभाव से विलुप्त होते जा रहे हैं। जंगल और प्रकृति से पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। इसी प्रकार से वन्य जीव जंतु भी छोटे जीव जंतु पर निर्भर करते हैं ।इस प्रकार से पारिस्थितिकी तंत्र चलता रहता है। जो प्रकृति के संतुलन के लिए आवश्यक है।

वहीं श्रीधर वैंम्बू की उत्सुकता को देखते हुए लगता है उन्हें वन्य जीव और प्रकृति से बहुत ही लगाव है। 12 फुट लंबे कोबरा की ट्विटर पर फोटो शेयर करते हुए उनके चेहरे की उत्सुकता अलग से ही दिखाई पड़ती है।

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Nidhi Arya