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भारतीय महिला हॉकी कप्तान ने जातिवाद पर जो कहा, वो आपको जरूर सुनना चाहिए 

भारतीय महिला हॉकी कप्तान ने जातिवाद पर जो कहा, वो आपको जरूर सुनना चाहिए 

महिला हॉकी टीम की खिलाड़ी वंदना कटारिया के परिवार के साथ बीते बुधवार हुए हादसे पर टीम की कप्तान रानी रामपाल ने The Quint.com से बातचीत के दौरान जातिवाद पर एक ऐसी बात कही है। जो इस देश के हर व्यक्ति को सुननी चाहिए। रानी रामपाल ने वंदना और उनके परिवार कहे गए जातिसूचक शब्दो की निंदा की है, वहीं सभी भारतवासियों से भारतीय महिला हॉकी टीम को सपोर्ट करने की बात भी कही है।

जातिवाद से ऊपर उठना होगा: रानी रामपाल

रानी ने वीडियो में लोगों से जातिवाद और धर्म से ऊपर उठकर चीजों को देखने की अपील की है। वो आगे कहती हैं “टीम की हर एक खिलाड़ी अलग धर्म और अलग क्षेत्र से आती है लेकिन हमारा मकसद एक है, भारत। हम सभी अपने तिरंगे के लिए काम करते हैं, पसीना बहाते हैं, ऐसे में खिलाड़ी के परिवार के साथ होने वाली घटनाएं तकलीफ देती हैं।” बता दें कि खिलाड़ी वंदना कटारिया हैट्रिक लेने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

सेमीफाइनल मैच हारने के बाद की है घटना 

गौरतलब हो कि बीते बुधवार (4 अगस्त) को सेमी फाइनल में अर्जेंटीना से हार के बाद हरिद्वार में खिलाड़ी वंदना कटारिया के घर के पास सर्वर्णों द्वारा पटाखे फोड़ने और ढोल नगाड़े बजाकर जश्न मानने की खबर सामने आई थी, साथ ही वंदना के बड़े भाई चंद्रशेखर ने लिखित तौर पर शिकायत भी दर्ज की थी। जिसमें  उनके परिवार जातिसूचक गालियां देने की बात भी शामिल हैं।

दी लल्लनटॉप के अनुसार कुछ लोगो ने मैच के बाद वंदना के घर के बाहर टीम की हार का जश्न मनाया और पटाखे फोड़े, इतना ही नहीं, जातिवादी टिप्पणी करते हुए लोगो ने टीम की हार का कारण टीम में दलित खिलाड़ियों की अधिक संख्या को बताया।

पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा 

घटना के बाद हरिद्वार पुलिस ने आरोपित विजयपाल, अंकुर पाल और सुमित चौहान को हिरासत में ले  लिया है। विजयपाल को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है, वहीं तीनो के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 504 ( शांतिभंग) और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

वंदना कटारिया ने कही एक जुट होने की बात 

दी इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक वंदना ने इस घटना की जानकारी होने की बात कही है, लेकिन अभी तक उन्होंने अपने परिवार से बात नहीं कि है।

वंदना ने कहा कि “जातिवादी टिप्पणी नहीं होनी चाहिए, हमे सिर्फ हॉकी के बारे में सोचना चाहिए। हम युवा लड़कियां है और देश के लिए खेल रही हैं, ऐसे में हम सब को एक होना चाहिए। यानी हर चीज़ को एक होना चाहिए।”

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Sushma Tomar