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क्यों दिल्ली में अब कोरोना की वैक्सीन नहीं लगेगी?

क्यों दिल्ली में अब कोरोना की वैक्सीन नहीं लगेगी?
  • 1 जुलाई से दिल्ली में वैक्सीनेशन बंद।
  • अब तक दिल्ली में कुल 73,28,647 से अधिक लोगों को लग चुका है कोरोना का टीका।

भारत में कोरोना के खिलाफ चल रही वैक्सीनेशन ड्राइव दुनिया की सबसे बड़ी और तेज ड्राइव है। पत्र सूचना विभाग के अनुसार अब तक कुल 33.57 करोड़ इन लोगों को वैक्सीन लगाया जा चुका है। भारत में दिए जा रहे हैं दोनों वैक्सीन, कॉविशील्ड और कोवैक्सीन कोरोना वायरस के खिलाफ 94 – 96% कारगर साबित हुए हैं।

हाल ही में भारत ने वैक्सीनेशन से जुड़ी एक वर्ल्ड रिकॉर्ड कायम की है। इतने अधिक और व्यापक स्तर पर वैक्सीनेशन के कारण ही भारत में कोरोना की रफ्तार भी धीमी हुई है। डेली एक्टिव केस के मामले में लगातार 4 दिनों से 50,000 से कम केस आ रहे हैं।

साथ ही डेली रिकवरी रेट पिछले 50 दिनों से डेली एक्टिव केस से अधिक बनी हुई हैं। ऐसे में दिल्ली में कोरोना वैक्सीन की किल्लत दोबारा से देखने को मिली है।

दिल्ली में वैक्सीनेशन की स्थिति।

कोरोना की दूसरी लहर से दूसरी सबसे अधिक प्रभावित केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली में अब कोरोना की रफ्तार थमती हुई नजर आ रही है। यहां एक वक्त में 20,000 से अधिक डेली न्यू केस मिल रहे थे,जो अब 500 के नीचे चले गए है।

दिल्ली में वैक्सीनेशन की प्रक्रिया जोर शोर से चल रही है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के अनुसार, यहां कुल 73 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लग चुकी है। इनमें लगभग 56 लाख लोगों को 1st डोज दिया गया है और करीब 17 लाख लोगों को 2nd डोज दिया गया है।

पूरे दिल्ली में कुल 1320 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। 25 जून को दिल्ली में 1,66,209 लोगों को वैक्सीनेटेड किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक था।

केंद्र ने अब तक नहीं दिया है जुलाई महीने के वैक्सीन का कोटा – मनीष सिसोदिया

दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने 30 जून को प्रेस के साथ हुई बातचीत में कहा,” कल से मजबूरन वैक्सीनेशन ड्राइव को कई सेंटर्स पर रोकना पड़ सकता है।

केंद्र सरकार ने अभी तक जुलाई माह के लिए वैक्सीन के डोज नहीं भेजे हैं। स्टॉक में मात्र 2 – 3 दिनों के लिए ही वैक्सीन डोज बचे होंगे। इनमें सबसे पहले प्राथमिकता 2nd डोज वालों को दी जाएगी।”

ऐसा दूसरी बार हुआ है जब वैक्सीन डोज की किल्लत के कारण वैक्सीनेशन ड्राइव को दिल्ली में रोका गया रहा है। इससे पहले अप्रैल माह में भी दिल्ली के अंदर वैक्सीन की कमी हुई थी।

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Ankit Swetav