January 23, 2022
देश

मुस्लिम महिलाओं पर ये कैसी घटिया मानसिकता का इज़हार कर रहे हैं आप ?

मुस्लिम महिलाओं पर ये कैसी घटिया मानसिकता का इज़हार कर रहे हैं आप ?

छह महीने पहले “सुल्ली डील (Sully deals)” ऐप का विवाद काफ़ी गरमाया था। इस ऐप के माध्यम से मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें बिना उनकी अनुमति के ऐप पर अपलोड की गई थी। और ऐप के यूजर्स को नीलामी में भाग लेने के लिए कहा गया था…। ये सीधे तौर पर मुस्लिम महिलाओं को अपमानित करने के एक तरिके के तौर पर खोजा गया था, जिसे विवाद बढ़ने पर Github ने डिलीट कर दिया था।

अब छह महीने बाद यही प्रक्रिया दोबारा दोहराई जा रही है। लेकिन सुल्ली डील पर नहीं बल्कि एक नया ऐप आया है… “बुल्ली बाई (Bulli bai)।” जानकारी के मुताबिक महिलाओ की फ़ोटो और अन्य जानकारी ट्विटर से ली गयी है और ऐप में उनका ट्विटर हैंडल भी ऐड किया गया है। जिन मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें सुल्ली डील या बुल्ली बाई जैसे ऐप पर अपलोड की गई हैं वो या तो पत्रकार हैं या सोशल मीडिया पर मुखरता से आवाज़ उठा रहीं हैं।

यूँ मिली सुल्ली और बुल्ली बाई ऐप्स की जानकारी :

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 4 जुलाई 2021 को पहली बार किसी ट्विटर यूज़र ने सुल्ली डील का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। जहां से इसकी जानकारी मिली थी। वहीं 1 जनवरी 2022 को बुल्ली बाई ऐप का ज़िक्र भी पहली बार ट्विटर पर ही हुआ। बता दें कि ये दोनों एप्लिकेशन open source hosting platform Github पर बनाए गए हैं। Github का मुख्यालय US सेन डिएगो में है। ये एक ऐसा प्लेटफॉर्म हैं जहां होस्टिंग का भंडार है और अनेकों ऐप्स यहां बनाए जाते हैं और ऑपरेट किये जाते हैं।

 “सुल्ला” या “सुल्ली” अपमानजनक शब्द हैं ?

द क्विंट के मुताबिक इस्लाम में सुल्ला या सुल्ली शब्द अपमानजनक शब्द होते हैं। किसी को इन शब्दों से सम्बोधित करने का अर्थ गाली देने के समान हैं। वहीं अब जो बुल्ली बाई के माध्यम से महिला को यौन सम्बन्धी वस्तु के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है उसे सुल्ली का प्रतिस्थापक या क्लोन समझा जा सकता है।

सुल्ली डील पर “सुल्ली डील ऑफ द डे” टैगलाइन के साथ एक क्लिक बटन शो होता था जिसपर “फाइंड योर सुल्ली डील” लिखा होता था। इस पर क्लिक करने के बाद एक महिला की तस्वीर प्रदर्शित होती थी। दूसरी और बुल्ली ऐप पर your bulli bai of the day is के साथ महिला की तस्वीर प्रदर्शित की जा रही है।


मामले पर कार्यवाही ठंडे बस्ते में:

सुल्ली डील ऐप पर महिलाओ पर अभद्र टिप्पणी और उनके चारित्रिक हनन के विरोध में दिल्ली और उत्तर प्रदेश में दो FIR दर्ज की गई थी। अफसोस, बुल्ली बाई भी आ गया लेकिन छह महीने पहले दर्ज हुई इन FIR में अभी तक कोई गिरफ़्तारी नहीं हुई है। वहीं बुल्ली बाई का मामला सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ट्वीट कर कार्यवाही का आश्वाशन दिया है। दिल्ली साइबर सेल और मुंबई पुलिस, भारत सरकार के साथ मिलकर जांच भी कर रही है।


बात होस्टिंग प्लेटफॉर्म GitHub की कि जाए तो सुल्ली डील का मुद्दा गर्माने के बाद ऐप ब्लॉक कर दिया गया था लेकिन GitHub ने मामले पर अपना कोई पक्ष या ज़रूरी जानकारी सांझा नहीं कि है। ऐसा ही कुछ हाल बुल्ली बाई मामले में भी है। वहीं ये ऐप किस समूह ने बनाए हैं इसकी जानकारी भी अभी तक नहीं मिली हैं।

महिलाओं की मानसिक प्रताड़ना बयां नहीं कि जा सकती :

1 जनवरी 2022 को बुल्ली बाई लॉन्च किया गया। इसमें सबसे पहले दी वायर की पत्रकार इस्मत आरा, एक्टिविस्ट मारिया सलीम जैसी जानी मानी हस्तियों को निशाना बनाया गया। इस्मत आरा ने अपने ट्विटर हैंडल पर बुल्ली बाई के स्क्रीनशॉट के साथ लिखा, ” मुस्लिम महिलाओं को नए साल की शुरुआत डर और घृणा से करनी पड़ी”


वहीं मारिया सलीम ने लिखा, ” अभी पता चला है कि मैं भी नीलामी में थी। जो हमसे डरते हैं, भारतीय मुस्लिम महिलाएं जानती हैं कि हम आपकी गंदगी के आगे नहीं झुकेंगे। प्रशासन में उन लोगों के लिए जिन्होंने #SulliDeals के साथ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, यह आप पर है। तुम्हे शर्म आनी चाहिए। #BulliDeals


जिब्रान उद्दीन नाम के एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “
अभी बहन @NargisBano_ से बात हुई, #SulliDeals 2.0 में उनका नाम आने के बाद से जिस तरह के मानसिक प्रताड़ना से वो गुज़र रही हैं उनका हम और आप अंदाज़ा भी नही लगा सकते।
उन्हें या बाकियों को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वो हमेशा से आपके हक़ की आवाज बनती रही हैं, आज आपकी बारी है।”


पूर्व पत्रकार हिबा बेग, RJ साइमा और नबिया खान भी सुल्ली डील शिकार हो चुकी हैं। उन्होंने भी ट्वीट करते हुए ऐसे कृत्य और कार्यवाही में ढील पर नाराज़गी जताई है। वहीं राहुल गांधी (rahul Gandhi) , प्रियंका गांधी (priyanka gandhi) , असदुद्दीन ओवैसी (asaduddin owasi) और प्रियंका चतुर्वेदी (priyanka chaturvedi) ने कृत्य की निंदा की है। और मामले पर जल्दी कार्यवाही की मांग की है।

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Sushma Tomar