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निरमा वाशिंग पाउडर वाली “लड़की” की कहानी क्या है?

निरमा वाशिंग पाउडर वाली “लड़की” की कहानी क्या है?

दुनिया में हर मां बाप का सपना होता है कि उसकी संतान उनका और उनके परिवार का नाम पूरी दुनिया में रौशन करें। लोग अपना पूरा जीवन गुजार देते हैं अपनी संतान को अच्छी शिक्षा देकर किसी लायक बनाने में। मगर क्या गुजरती होगी उस पिता पर जिसने अपनी बेटी के नाम को रौशन करने के लिए उसके मरने के बाद उसके नाम पर ही एक कंपनी खड़ी कर दी?

जब कभी भी वाशिंग पाउडर या साबुन की बात आती है, तो आज भी लोगों के दिमाग में एक ही नाम बसा हुआ है : “निरमा वाशिंग पाउडर”। 90 के दशक में दूरदर्शन चैनल पर रामायण के episodes के बीच में एक ऐसा विज्ञापन चलता था, जिसके लोग दीवाने थे ; “हेमा, रेखा, जया और सुषमा, सबकी पसंद निरमा…!!”

किसने बनाया आखिर इतनी लोकप्रिय कंपनी और जिंगल?

गुजरात के मेहसाणा गांव के करसन भाई पटेल ने निरमा वाशिंग पाउडर कंपनी की शुरुआत अपने ही घर के पीछे 1969 में की थी। करसन के पिता खोड़ी दास पटेल बहुत साधारण व्यक्ति थे। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद भी उन्होंने अपने बेटे को Chemistry विषय मैं स्नातक तक की पढ़ाई करवाई थी।

एक गुजराती होने के करसन भाई को भी अपना व्यापार शुरू करना था। मगर पिता की खस्ता हालत के कारण उनका यह सपना अधूरा था। अंत में उन्होंने गुजरात सरकार के खनन और भूविज्ञान विभाग में सरकारी नौकरी में जाने का फैसला लिया।

 

 

मृत बेटी के नाम पर शुरू की कंपनी

जिस वक्त करसन भाई सरकारी नौकरी कर रहे थे, उसी वक्त उनकी बेटी की मृत्यु एक हादसे में हो गई थी। उनकी बेटी का नाम निरुपमा था मगर लोग प्यार से निरमा बुलाते थे।

किसी अन्य माता-पिता के जैसे करसन भाई का भी यह सपना था कि उनकी बेटी बड़ी होकर अपना नाम रौशन करें। मगर निरमा की मृत्यु के बाद उन्होंने ठान लिया कि उनकी बेटी का सपना और उनका सपना उन्हें ही पूरा करना है।

Chemistry में स्नातक होने के कारण मिली मदद

क्योंकि करसन भाई पटेल के पिता ने उन्हें Chemistry विषय में स्नातक करवाया था इसलिए उन्हें वाशिंग पाउडर बनाने में कोई खास समस्या नहीं हुई। उन्होंने अपने घर के पीछे ही वाशिंग पाउडर बनाने का काम शुरू किया। उन्होंने सोडा ऐश के साथ कुछ chemicals मिलाकर एक पीले रंग का पाउडर तैयार किया। अपनी बेटी के नाम को हमेशा लोगों की ज़बान पर रखने के लिए उन्होंने उस वाशिंग पाउडर का नाम निरमा वाशिंग पाउडर रखा।

 

दर – बदर जाकर अपना product बेचा

करसन भाई एक साधारण व्यक्तित्व वाले मनुष्य है। उन्होंने अपने बनाए product को खुद ही दर – बदर जाकर बेचा है। उस वक्त वह साइकिल पर अपने बनाएं वाशिंग पाउडर को रखकर बेचने जाया करते थे।

जब उनके वाशिंग पाउडर की मांग बढ़ने लगी, तब उन्होंने अपने सरकारी नौकरी को छोड़ने का फैसला लिया। इसके बाद वह जी – जान से इस कंपनी को आगे बढ़ाने के पीछे जुट गए।

टीवी में दिया आकर्षक विज्ञापन

जैसे ही उनकी कंपनी ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी, उन्होंने टीवी में एक आकर्षक और कैची विज्ञापन दे दिया। विज्ञापन के जरिए वह कंपनी को मेहसाणा से आगे ले जाना चाहते थे। विज्ञापन हिट होते ही निरमा वाशिंग पाउडर हर Middle Class परिवार की पहली पसंद बन गई।

आज कंपनी की टर्नओवर 70,000 करोड़ टन

इतने कठिन समय से गुजरने के बाद आज करसन भाई पटेल की कंपनी समूह देशभर में 18 हजार लोगों का पेट भर रही है। कंपनी का सालाना टर्नओवर 70,000 करोड़ टन है।

Forbes पत्रिका के अनुसार, करसन भाई की कुल संपत्ति लगभग 3 अरब रुपए (3,04,12,85,70,000) से ज्यादा है। करसन भाई दुनिया के 775वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

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Ankit Swetav