October 20, 2021
यूनिवर्सिटी सर्किल

क्या है डीयू में इस साल कट ऑफ का हाल?

क्या है डीयू में इस साल कट ऑफ का हाल?

बारहवीं कक्षा को पास करने के बाद हर विद्यार्थी अच्छे कॉलेज या अच्छे यूनिवर्सिटी में जाने का सपना देखता हैं। विद्यार्थी को उसके इच्छा अनुसार कोर्स मिल जाना उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि होती है। अगर बात करें दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) की, तो भारत देश का लगभग हर पांचवा बच्चा चाहता है कि वह डीयू (DU) से ग्रेजुएट हो। मगर हर साल डीयू (DU) का एडमिशन कट ऑफ (Cut Off) बढ़ाती ही जा रही है। इस साल भी कुछ ऐसी ही उम्मीद की जा रही है।

डीयू (DU) ने 1 अक्टूबर को अपना पहला एडमिशन कट ऑफ जारी किया है। सारे कॉलेजों ने अपने सारे कोर्सेज के लिए कट ऑफ लोगों के सामने रख दिए है। इस साल लगभग 11 कोर्सेज के लिए यूनिवर्सिटी के कुछ प्रमुख कॉलेजों ने पहली कट ऑफ 100% रखी है। यूनिवर्सिटी द्वारा जारी सूचना के मुताबिक इस साल कुल 5 कट ऑफ लिस्ट निकाले जाएंगे।

इन कॉलेजों में कट ऑफ मार्क्स 100%

1 अक्टूबर को जारी किए अपने पहले कट ऑफ में डीयू (DU) के कुछ प्रमुख कॉलेजों ने कट ऑफ मार्क्स 100% रखा है। श्री राम कॉलेज फॉर कॉमर्स (Shree Ram College for Commerce – SRCC) ने अपने इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) के लिए 100% कट ऑफ मार्क्स रखे, वहीं हिंदू कॉलेज (Hindu College) ने अपने राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) के लिए 100% कट ऑफ मार्क्स रखा। साथ ही रामजस (Ramjas) ने अपने राजनीतिक विज्ञान ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) कोर्स, एसजीटीबी खालसा (SGTB Khalsa) ने अपने बी कॉम (B. Com) के लिए, जीसस एंड मेरी (Jesus and Marry) ने अपने मनोविज्ञान ऑनर्स (Psychology Hons)  के लिए, हंसराज कॉलेज (Hansraj College) ने अपने कंप्यूटर साइंस ऑनर्स (Computer Sc. Hons) के लिए और डीडीयूसी (Deen Dayal Upadhyaya College) ने अपने कंप्यूटर साइंस ऑनर्स (Computer Sc. Hons) के लिए 100% कट ऑफ मार्क्स रखे हैं।

पिछले साल की तुलना में इस बार कट ऑफ मार्क्स अधिक होने के आसार दिख रहे है। राजनीतिक विज्ञान (Political Science), अर्थशास्त्र (Economics) और मनोविज्ञान (Psychology) डीयू के सबसे मशहूर कोर्सेज है। पिछले वर्ष जिनकी कट ऑफ 99.25% थी वह इस साल 100% पहुंच चुकी है।

कुछ महत्वपूर्ण कॉलेजों के 1st कट ऑफ

डीयू के कुछ महत्वपूर्ण कॉलेजों के कट ऑफ मार्क्स पिछले साल की तुलना में अधिक देखने को मिल रहे है। जैसे, आत्मा राम सनातन धर्म कॉलेज (Atma Ram Sanatan Dharma College) में इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 99%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 98%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 98%, पॉलिटिकल साइंस (Political Science) का 98.5% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99% कट ऑफ मार्क्स है। डीसीएसी (Delhi College of Art and Culture – DCAC) में इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 98.75%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 98%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 98.5%, जर्नलिज्म ऑनर्स (Journalism Hons) का 99%, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) का 98.5% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99% कट ऑफ मार्क्स देखने को मिल रहा है।

अगर बात की जाए गार्गी कॉलेज (वूमेन) (Gargi College – Women) की तो इसमें इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 98%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 98.5%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 98%, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) का 98.5% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99% कट ऑफ मार्क्स है। हंसराज कॉलेज (Hansraj College) में इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 99.75%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 99%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 99% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99.75% कट ऑफ है। हिंदू कॉलेज (Hindu College) में इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 99.75%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 99.25%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 99.5%, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) का 100% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99.75% कट ऑफ मार्क्स है। रामजस कॉलेज (Ramjas College) में इकोनॉमिक्स ऑनर्स (Eco. Hons) का 99.75%, इंग्लिश ऑनर्स (English Hons) का 99.75%, हिस्ट्री ऑनर्स (History Hons) का 99%, पॉलिटिकल साइंस ऑनर्स (Pol. Sc. Hons) का 100% और बी कॉम ऑनर्स (B. Com Hons) का 99.25% कट ऑफ मार्क्स है।

सीबीएसई के रिजल्ट के कारण कट ऑफ है हाई – कॉलेज प्रिंसिपल्स

कट ऑफ जारी होने के बाद हाई कट ऑफ़ के बारे में कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि सीबीएसई (CBSE) की रिजल्ट में बढ़ोतरी के कारण ही कट ऑफ हाई रखा गया है। आंकड़ों के अनुसार इस साल डीयू (DU) में अपना रजिस्ट्रेशन कराने वाले छात्रों में से 9,200 छात्र ऐसे है जिनके 12वीं में एग्रीगेट मार्क्स 100% हैं। पिछले साल यह संख्या 5,500 थी। और तो और 95% से अधिक अंक लाने वाले बच्चों की संख्या भी पिछले साल 38,686 थी, जो इस साल बढ़कर 70,004 तक पहुंच गई है।

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Ankit Swetav