पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ़ अली जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की बेटी बख्तावर भुट्टो ज़रदारी ने मर्दों के लिए एक बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ‘सिंगल मर्दों के अकेले घर से बाहर निकलने पर रोक लगनी चाहिए।इतना ही नहीं बख्तावर का कहना है कि मर्दों को बाहर तभी निकलना चाहिए जब उनके साथ उनकी माँ ,बहन या पत्नी मौजूद हो।

हालांकि,अपने इस बयान को लेकर बख्तावर सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।लेकिन सोचने वाली बात ये है कि अचानक उन्हें ये बयान देने की ज़रूरत क्यों पड़ी।

इसलिए दिया बख्तावर ने बयान

बख्तावर भुट्टो के इस बयान के पीछे की वजह 14 अगस्त (पाकिस्तान का स्वतंत्रता दिवस) को मीनार ए पाकिस्तान पर हुई घटना है। दरअसल,14 अगस्त को पाकिस्तान की एक यूट्यूबर मीनार-ए-पाकिस्तान पर वीडियो बना रही थी उनके साथ मे कुछ दोस्त भी मौजूद थे।

लेकिन अचानक एक भीड़ ने उस महिला यूट्यूबर पर हमला कर दिया।वहीं महिला के साथ छेड़छाड़ भी की गई।बख्तावर में अपने बयान के जवाब में कहा है कि पाकिस्तान में महिलाओं सुरक्षा के लिए संवेदनशीलता में कमी है। वो आगे कहती है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिलाओं की ज़रूरत है।

महिलाओं की सुरक्षा पर बख्तावर का सुझाव

मीडिया में ये बयान जैसे ही छाया बख्तावर भुट्टो से सवला जवाब का सिलसिला चल पड़ा। अपने ट्विटर अकाउंट पर सवालों के जवाब में उन्होंने कहा, ये सुझाव मैंने पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सुझाया है।

वो आगे कहती है कि अगर पुरुषों के साथ महिलाए होंगी तो वो ऐसी हरकत करने से पहले दो बार सोचेंगे। इसके बाद पाकिस्तानी सोशल मीडिया में इसको लेकर बहस शुरू हो गयी।मीनार ए पाकिस्तान की घटना को भयानक घटना कहते हुए बख्तावर कहती है कि ये घटना पुलिस के सामने अंजाम दी गयी जो ज़्यादा दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

साबिन आग़ा के साथ भी हुई थी ऐसी घटना।

पाकिस्तान की डॉक्यूमेंट्री मेकर और जर्नलिस्ट साबिन आग़ा ने ट्विटर थ्रेड शेयर करते हुए बताया है कि मीनार ए पाकिस्तान जैसी घटना कुछ साल पहले उनके साथ भी हुई थी।ये बेहद भयावह और दुखद है कि पाकिस्तान में महिलाओं के साथ ऐसी घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है।

पाकिस्तान में खस्ता हाल है महिलाओं की स्थिति

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की हालिया स्थिति बद से बद्दतर है।कोरोना में महंगाई चरम सीमा पार कर चुकी है,अनाज दालें और पेट्रोल के दाम आसमान छू रहें हैं।वहीं महिलाओं के साथ हिंसा और छेड़छाड़ का रिकॉर्ड भी लगातार बढ़ रहा है।

Gulfnewe.com के मुताबिक 2020 की शुरुआती तिमाही में महिलाओं और बच्चों से जुड़ी हिंसक घटनाओं में 200 फीसदी का इज़ाफ़ा हुआ है।जिनमे घरेलू हिंसा के 20 मामले, कार्यस्थल पर उत्पीड़न के 8, बलात्कार के 25 मामले, अपहरण के 164 और महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 36 मामले दर्ज किए गए हैं।

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Sushma Tomar